
जामताड़ा। झारखंड का कुख्यात गैंग्सटर सुजीत सिन्हा रविवार रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। रविवार को सुजीत सिन्हा को साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल स्थानांतरित किया जा रहा था। इसी दौरान जामताड़ा जिले के टाउन थाना क्षेत्र स्थित कुसाइडीह मोड़ के पास उसने भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, साहिबगंज डीएसपी नितिन खंडेलवाल पुलिस टीम के साथ गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को धनबाद जेल शिफ्ट करने जा रहे थे। इसी दौरान जामताड़ा थाना क्षेत्र के कुसाईडीह मोड़ के पास पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया। इसके बाद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ने एक पुलिस जवान की रायफल छीनकर भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने सुजीत सिन्हा को रोकने की कोशिश की। चेतावनी के बाद भी वह नहीं माना। उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास करते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में सुजीत सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई।



घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। सुजीत सिन्हा झारखंड के सबसे चर्चित और वांछित गैंगस्टरों में शामिल था। उसका आपराधिक नेटवर्क रांची, रामगढ़, धनबाद, बोकारो समेत पूरे कोयलांचल क्षेत्र तक फैला हुआ था। उस पर रंगदारी, हत्या, फायरिंग, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज थे। जेल में बंद रहने के दौरान भी वह अपने गिरोह का संचालन करता था। इसी वजह से सुरक्षा कारणों से उसे समय-समय पर अलग-अलग जेलों में रखा जाता रहा।
पिछले कुछ वर्षों में झारखंड पुलिस ने सुजीत सिन्हा गिरोह के खिलाफ लगातार अभियान चलाया था। इस दौरान गिरोह के कई सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ पुलिस कार्रवाई में पकड़े गए या घायल हुए। पुलिस का दावा रहा है कि यह गिरोह कारोबारियों, ठेकेदारों और अन्य लोगों से रंगदारी वसूलने के लिए हथियारों के बल पर दहशत फैलाता था।
घटनास्थल पर पहुंचे एसपी शंभू सिंह : घटना की सूचना मिलते ही जामताड़ा एसपी शंभू कुमार सिंह और एसडीओ अनंत कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी ने बताया-घटना के बाद मौके पर एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। रांची से एफएसएल टीम चल चुकी है। उसके पहुंचने और जांच पूरी करने के बाद ही शव को मौके से उठाया जाएगा।

