रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन 15 दिनों के भीतर कर उसे पूरी तरह क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। बैठक में विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और बाजार की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने महाविद्यालयों को उनकी रैंकिंग के आधार पर श्रेणीबद्ध कर आवश्यक सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए विशेष योजना तैयार करने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि पायलट परियोजना के तहत पहले चरण में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, रांची और बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद से इसकी शुरुआत की जाएगी।बैठक में जानकारी दी गई कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब तक 2,888 पात्र विद्यार्थियों को ऋण स्वीकृत किया गया है। इनमें 243 विद्यार्थियों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से 64 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग के साथ समन्वय कर अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री ने दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने, छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करने तथा अगले तीन महीनों में विश्वविद्यालयों के लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधन चिन्हित करने के निर्देश दिए।

बैठक में कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए गठित कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को भी 15 दिनों के भीतर पूरी तरह सक्रिय करने का निर्णय लिया गया। यह प्राधिकरण राज्य के कोचिंग संस्थानों का नियमन करेगा।इस दौरान बीआईटी, सिंदरी को यूनिटरी विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने संस्थान के लिए व्यापक डिजिटल प्रस्तुतीकरण तैयार कर विभागीय प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।राज्य के पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज सहित नौ जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित योजना को जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा।मुख्यमंत्री ने सभी राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों और प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों को आधुनिक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने IIT और NIT की तर्ज पर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल तथा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया।

साथ ही बीआईटी, सिंदरी और झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के बेहतर संचालन के लिए नई सोसाइटी गठित करने का भी निर्णय लिया गया।बैठक में यह भी तय हुआ कि झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (जुपमी) को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। यहां बैचलर ऑफ प्लानिंग, मास्टर ऑफ प्लानिंग और एमबीए इन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

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