
रांची। जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके में डीडी बार के बाहर हुई बर्बर चाकूबाजी और करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में हेमंत सरकार ने सख्त कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर उपजे भारी जन-आक्रोश के बाद, सरकार के निर्देश पर जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) के एसएसपी पीयूष पांडे और सरायकेला की एसपी निधि द्विवेदी को पद से हटा दिया गया है।



इसके साथ ही, इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच और क्षेत्र में शांति-व्यवस्था बहाल रखने के लिए राज्य सरकार ने तीन शीर्ष अधिकारियों को सीधे मोर्चे पर उतारा है। सीआइडी के एडिशनल डीजी मनोज कौशिक, कोल्हान के डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा और कोल्हान प्रमंडल के कमिश्नर को जमशेदपुर में ही कैंप करने का निर्देश दिया गया है। ये अधिकारी वहीं रहकर पूरे मामले की मानिटरिंग करेंगे। बता दें कि पद से हटाए गए पूर्वी सिंहभूम के सीनियर एसपी पीयूष पांडे और सरायकेला की एसपी निधि द्विवेदी पति-पत्नी हैं।
यह पूरी वारदात शनिवार 27 जून की रात बिष्टुपुर के ‘डीडी क्लब’ में शुरू हुई थी। करनी सेना के नेता 24 वर्षीय हिमांशु सिंह अपने दोस्त प्रत्युष सिंह के साथ बार के भीतर मौजूद थे, जहां कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक महिला से की जा रही बदसलूकी और छेड़खानी का हिमांशु ने कड़ा विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद बार के बाउंसर्स ने दोनों गुटों को बाहर निकाल दिया।
बाहर निकलते ही अपराधियों ने हिमांशु और प्रत्युष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और जेब से धारदार चाकू निकालकर उन पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। जान बचाने के लिए हिमांशु मौके पर खड़ी पुलिस की पीसीआर वैन में घुस गया, लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस के सामने ही उसे वैन से निकालकर चाकू मार दिया।
गंभीर रूप से घायल हिमांशु इलाज के लिए टाटा मेन हास्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त प्रत्युष जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर किया गया है। इस हत्याकांड को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। हिमांशु सिंह की मौत के बाद जमशेदपुर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। स्वजन और समर्थकों ने बिष्टुपुर गोलचक्कर को जाम कर उग्र प्रदर्शन किया।
लोगों का सीधा आरोप था कि जब अपराधी हिमांशु पर चाकू से वार कर रहे थे, तब पुलिस की पेट्रोलिंग टीम वहां मूकदर्शक बनकर क्यों खड़ी रही। सोमवार रात प्रदर्शन कर रही आक्रोशित भीड़ ने मौके पर पहुंचे सिटी एसपी की गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी थी।

