
नयी दिल्ली। लद्दाख में इन पर्वतारोहियों ने महज 23 दिनों में 6,000 मीटर से ज्यादा ऊंची 20 चोटियों को फतह कर इतिहास रचा दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता के लिए पर्वतारोहियों के दल को बधाई दी। इस अभियान में राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान, दिरांग के 20 बेहद कुशल पर्वतारोही शामिल थे। दल का नेतृत्व कर्नल रणवीर सिंह जमवाल ने किया। इस ऐतिहासिक अभियान को अंजाम देने वाले दल का शुक्रवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वागत किया। उन्होंने कर्तव्य भवन-2 में आयोजित समारोह में अभियान का झंडा दिखाकर दल की वापसी व स्वागत किया।अभियान के दौरान पर्वतारोहियों ने लद्दाख क्षेत्र के चमसर-लुंगसर, ग्यामा नाला और चोकुला इलाकों में 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 ऐसी चोटियों पर चढ़ाई की, जिन पर पहले कभी सफल चढ़ाई दर्ज नहीं हुई थी। यानी इन 20 चोटियों के शिखर तक पहुंचने का अभियान पहली बार दर्ज किया गया है। खास बात यह रही कि दल ने यह चुनौती सिर्फ 23 दिनों में पूरी की। इतनी ऊंचाई पर अभियान आसान नहीं था। इसके लिए बेहतर योजना, तकनीकी कौशल, शारीरिक सहनशक्ति और पूरी टीम के बीच मजबूत तालमेल जरूरी था। अभियान के दौरान पर्वतारोहियों ने इन सभी क्षमताओं का परिचय दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दल से बातचीत करते हुए पर्वतारोहियों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की।उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की पर्वतारोहण क्षमता और साहसिक खेलों में नेतृत्व का प्रदर्शन बताया। उन्होंने पर्वतारोहियों को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि इन सफल आरोहणों ने नए मानदंड स्थापित किए हैं। साथ ही, यह उपलब्धि देश के युवा पर्वतारोहियों को साहसिक गतिविधियों और अन्वेषण की ओर आगे बढ़ने तथा देश को गौरवान्वित करने के लिए प्रेरित करेगी। यह अभियान ऊंचाई वाले सीमांत क्षेत्रों में साहस और अन्वेषण की भावना को बढ़ावा देने तथा आने वाली पीढ़ियों के पर्वतारोहियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस अभियान ने उच्च ऊंचाई वाले पर्वतारोहण में भारत की क्षमताओं को सामने रखा है और वैश्विक पर्वतारोहण मानचित्र पर देश की मौजूदगी को और मजबूत किया है।समारोह में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

