रांची। धान-चावल का धंधा करने वाली बाबा राइस मिल व करीब 15 आढ़तियों से जुड़े बिहार-झारखंड के 42 ठिकानों पर गुरुवार (29 जनवरी) से चल रही छापेमारी छठे दिन मंगलवार को समाप्त हो गई।इस छापेमारी में जब्त दस्तावेज की जांच के बाद बाबा राइस मिल व सभी आरोपितों के विरुद्ध टैक्स चोरी का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। टैक्स चोरी का वास्तविक आंकड़ा सामने आने के बाद सभी आरोपितों को आयकर विभाग नोटिस करेगा और उनके विरुद्ध जुर्माना तय करेगा।

अगर वे जुर्माना देंगे तो ठीक, नहीं तो संपत्ति जब्ती सहित आयकर विभाग के पास अन्य कई विकल्प मौजूद हैं। अब तक की छापेमारी में आयकर विभाग का अनुमान है कि टैक्स चोरी का यह मामला 100 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। कागजात की विधिवत जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

अब तक की छापेमारी में आयकर विभाग ने आरोपितों के ठिकानों से पांच करोड़ रुपये नकदी, 14 करोड़ रुपये के जेवरात की बरामदगी के अलावा करीब 25 करोड़ रुपये के बिल्डिंग व 40 करोड़ रुपये के पैडी व राइस के स्टाक को पकड़ा। इसका आरोपितों के पास कोई खाता-बही व हिसाब नहीं मिला है।

आयकर विभाग ने छापेमारी के दौरान पाया है कि कच्चे कागज पर करोड़ों रुपये के धान का धंधा करने, बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने में यह ग्रुप शामिल था। इसी सूचना पर इस ग्रुप व आढतियों से जुड़े रांची, जमशेदपुर, औरंगाबाद, गयाजी व पटना में आयकर विभाग ने छापेमारी की। इस पूरी छापेमारी में आयकर विभाग से जुड़े 500 से अधिक अधिकारी-कर्मी लगे रहे। छापेमारी में हवाला से करोड़ों रुपये के लेन-देन का भी खुलासा हुआ है, जिसका सत्यापन चल रहा है।

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