
रांची। झारखंड में राशन कार्ड बनवाने और पुराने राशन कार्ड में सदस्यों का नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किया गया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत नए प्रविधान लागू किए हैं। इसके तहत अब राशन कार्ड बनवाने के समय ही वह तमाम जानकारियां ली जाएंगी जिसके आधार पर पूर्व में राशन कार्ड रद किया जाता था। मसलन, उपभोक्ता को पहले ही बताना होगा कि उनकी आमदनी का मुख्य स्रोत क्या है। उनके पक्के आवास में कितने कमरे हैं और किस प्रकार का टैक्स भरते हैं। अब आवेदकों को पहले से अधिक दस्तावेज और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। सबसे अहम बदलाव यह है कि नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करते समय घर की तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसमें स्पष्ट रूप से भवन में बने कमरों की जानकारी देनी होगी।
अब पहले ही ई-केवाईसी करवाना होगा : नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित डीलर के यहां ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। ई-केवाईसी सत्यापन पूरा होने के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसी तरह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी स्तर पर लंबित यूआइडी सुधार और परिवर्तन से जुड़े अनुरोधों पर भी ई-केवाईसी पूरा होने के बाद ही आगे प्रक्रिया होगी।
नई व्यवस्था में अब आवेदक को स्वघोषणा करनी होगी कि परिवार का कोई सदस्य आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर या जीएसटी नहीं देता है। अधिक जीएसटी भरने वालों और आयकर देने वालों के नाम राशन कार्ड में नहीं चढ़ाया जा सकेगा।इसके अलावा परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित या दस एकड़ से अधिक असिंचित भूमि नहीं होनी चाहिए। इसी तरह परिवार के पास चार पहिया वाहन, तीन या उससे अधिक कमरों वाला पक्का मकान और 5 लाख रुपये या इससे अधिक कीमत का मशीनचालित कृषि उपकरण नहीं होना चाहिए। सदस्य का नाम जोड़ने के लिए अलग-अलग दस्तावेज पुराने राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम जोड़ने के लिए अब उसके आधार के अनुसार संबंधित दस्तावेज देने होगा।
रद या सरेंडर करने के लिए भी सत्यापन : राशन कार्ड को रद या सरेंडर करने की प्रक्रिया अब परिवार की मुखिया की सहमति से ही पूरी होगी। इसके लिए यूआईडी आधारित ओटीपी सत्यापन भी जरूरी किया गया है। जांच में ऐसे लाभुक भी सामने आए थे जो बेहतर आर्थिक स्थिति के बावजूद योजना का लाभ ले रहे थे। इसके बाद राशन कार्ड की पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर इन नए प्रावधानों को लागू किया गया है।
