नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मुद्रा योजना’ के 10 साल पूरा होने पर इसके लाभार्थियों से आज खास बातचीत की। बातचीत के दौरान लाभार्थियों ने बताया कि किस तरह से इस योजना ने उनके जीवन को बदल दिया. हिमाचल प्रदेश से आई एक महिला ने पीएम मोदी को बताया, कैस ‘मुद्रा योजना’ ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी पीएम से बात करते हुए मनाली से आई ‘मुद्रा योजना’ की लाभार्थी महिला ने कहा कि हम मनाली में पहले एक मंडी में काम करते थे। मैंने अपने पति से कहा कि किसी के साथ काम करने से अच्छा है कि हम अपना काम शुरू करते हैं. फिर हमने अपनी सब्जी की दुकान खोली।

महिला ने आगे बताया, साल 2012-13 में एक बैंक के लोग मेरी दुकान में आए । उनसे मैंने लोन के बारे में पूछा. तो बैंक ने गिरवी रखने के लिए कुछ मांगा था. महिला की ये बात सुनते ही पीएम मोदी ने हंसते हुए कहा कि 2012-13 की बात कर रहे हो, मीडिया वाले लोग पीछे पड़ जाएंगे कि पिछली सरकार की बुराई कर रहे हैं।

महिला ने आगे कहा, साल 2015 में जब मुद्रा योजन चली तो मुझे लोन मिल गया. मैंने राशन की दुकान खोली. महिला ने बताया कि वो पहले 2 से 2.5 लाख साल में कमाती थी और अब 10 से 15 लाख साल में कमा रही है. महिला ने कहा कि मुद्रा योजना आने के बाद उन्‍हें बिना गारंटी के लोन मिला और किस्‍मत बदल गई. काम बहुत बढ़ रहा है और काम अच्छा चल रहा है.।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के दस वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना ने अनगिनत लोगों को अपने सपनों को हकीकत में बदलने का अवसर दिया है । प्रधानमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि मुद्रा लाभार्थियों में से आधे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों से हैं. पीएम मोदी ने कहा प्रत्येक मुद्रा ऋण अपने साथ सम्मान, आत्म-सम्मान और अवसर लेकर आता है. वित्तीय समावेशन के अलावा, इस योजना ने सामाजिक समावेशन और आर्थिक स्वतंत्रता भी सुनिश्चित की है।

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