पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि अवैध ओवरलोड गाड़ियों की सूचना देने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि खनन माफिया पर जबरदस्त चोट देने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। बालू-पत्थर के अवैध खनन करने वाले माफिया को रोकने के लिए बिहार कैबिनेट में बिल लाया गया। इसमें जनभागीदारी को बढ़ावाने देने के लिए ओवरलोडिंग वाहनों की सूचना देने वाले आम नागरिकों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। ट्रैक्टर जैसे छोटे वाहनों पर ओवरलोड की सूचना देने पर 5,000 रुपये और ट्रक जैसे वाहनों की सूचना देने पर 10,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि लोगों को दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इससे अवैध खनन पर रोक लगेगी और अवैध व्यापार के विरूद्ध जन जागरूकता भी फैलेगी। राज्य सरकार के सुशासन के प्रयासों से हमारे सामाजिक योद्धा सीधे तौर पर जुड़ेंगे। सुशासन का राज स्थापित करने के लिए ये क्रांतिकारी कदम है। प्रोत्साहन राशि के प्रयास से ईमानदार लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा। खनन उद्योग में स्वस्थ प्रतियोगिता विकसित होगी। उपभोक्ता और उद्यमी दोनों के बीच फायदे की स्थिति बनेगी। अपराधी और भ्रष्टाचार का गठजोड़ कमजोर होगा।’

बालू की ब्रिकी आॅनलाइन प्रस्ताव को मंजूरी : भाजपा नेता ने कहा कि खनन के गाड़ियों की तुरंत पहचान के लिए सभी गाड़ियों पर न्यूनतम 20 इंच चौड़ाई की लाल पट्टी पेंट कराई जा रही है, जिस पर गाड़ी का नंबर और खनन विभाग का रजिस्ट्रेशन अंकित होगा। इसको 31 अगस्त तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले कैबिनेट में राज्य सरकार की ओर से बालू की ब्रिकी आॅनलाइन किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। ये दो महीने के अंदर और पोर्टल के माध्यम से संचालित भी हो जाएंगे। अवैध खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाई के दौरान प्राप्त बालू की नीलामी की जाएगी।

इन नंबर पर दें सूचना : बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने अवैध ओवरलोड वाहनों की जानकारी देने के लिए मामले से जुड़े एटीएस और सेक्रेटरी का दो नंबर जारी किया। जानकारी देने वाले की पूरी गोपनीयता रखी जाएगी। एसीएस का नंबर 9473191437 और सेक्रेटरी का नंबर 9939596554 है।

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