रांची। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने और राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश प्रभारियों और सह प्रभारियों की घोषणा की है। पार्टी ने झारखंड के लिए भी नई जिम्मेदारियां तय की हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र सिंह पटेल को झारखंड भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी गया है। वहीं सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह को सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पटेल, डा. लक्ष्मी कांत वाजपेयी का स्थान लेंंगे।
पार्टी की ओर से जारी सूची में झारखंड के नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। झारखंड भापा के प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है।

संगठन में किए गए इस फेरबदल को आगामी समय में राज्यों में पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। नए प्रभारी और सह प्रभारी संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और पार्टी की गतिविधियों को गति देने में भूमिका निभाएंगे। झारखंड भाजपा के नए प्रभारी के रूप में नियुक्त गजेंद्र सिंह पटेल मध्य प्रदेश के खरगोन से भाजपा सांसद हैं। पटेल ने छात्र जीवन से ही संगठनात्मक राजनीति में सक्रियता शुरू की। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, युवा मोर्चा, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में काम कर चुके हैं।

2019 में पहली बार खरगोन से लोकसभा चुनाव जीते और 2024 में लगातार दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए। भाजपा संगठन में उनकी भूमिका बढ़ी है। वर्तमान वे पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री भी हैं। सौरभ सिंह छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा के रहने वाले हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और अकलतरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं। पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें झारखंड भाजपा का सह-प्रभारी बनाया गया है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनकी संगठनात्मक पकड़ और चुनावी अनुभव को महत्वपूर्ण माना जाता है। झारखंड में उनकी जिम्मेदारी के तहत पार्टी संगठन को मजबूत करने, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय तथा चुनावी तैयारियों से जुड़े कामों में भूमिका रहने की संभावना है।

सासाराम की रहने वाली हैं निवेदिता सिंह : निवेदिता सिंह बिहार के रोहतास जिले के सासाराम की रहने वाली हैं। वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी नेता हैं और बिहार विधान परिषद की सदस्य भी रह चुकी हैं। पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता और बिहार की राजनीति में अनुभव को देखते हुए भाजपा ने उन्हें झारखंड का सह-प्रभारी बनाया है।

प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा बने सह प्रभारी : झारखंड में उनकी जिम्मेदारी संगठनात्मक गतिविधियों, पार्टी नेताओं के साथ समन्वय और चुनावी तैयारियों से जुड़े कार्यों की निगरानी करना हो सकती है। बिहार और झारखंड की क्षेत्रीय-सामाजिक परिस्थितियों से परिचित होने के कारण उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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