वडोदरा । कर्नल सोफिया कुरैशी चर्चा में हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बुधवार को उन्होंने विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ ‘ब्रीफिंग’ की। कर्नल सोफिया कुरैशी के चर्चे पूरे देश में शरू हुए तो गुजरात में उनका परिवार गर्व से झूम उठा। उनके परिवार के अनुसार वडोदरा शहर की कर्नल सोफिया ने सेना में अधिकारी बनने के लिए पीएचडी और शिक्षण कार्य छोड़ दिया था। उनके माता-पिता और भाई मोहम्मद संजय कुरैशी शहर के तंदलजा इलाके में रहते हैं। सोफिया का पिता ने कहा, ‘हमें प्राउड है इस चीज का कि हमारी बेटी ने हमारे देश के लिए कुछ किया है। हमें अपने राष्ट्र के लिए सबकुछ करना है। हम पहले भारतीय हैं, बाद में हिंदू या मुसलमान।’

संस्कृत में पढ़ा श्लोक : गुजरात के वडोदरा में मीडिया से बात करते हुए कर्नल सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने कहा कि उनके परिवार को केवल देश की फिक्र है। ताज मोहम्मद ने कहा, ‘मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। मेरा परिवार हमेशा ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ (हम राष्ट्र को जीवंत और जागृत बनाए रखेंगे) के सिद्धांत का पालन करता आया है। हम पहले भारतीय हैं और बाद में मुसलमान। हमें सिर्फ़ अपने देश की फिक्र है।’

पाकिस्तान को बताया गंदी कंट्री : ताज मोहम्मद ने पाकिस्तान के लिए कहा कि पाकिस्तान बहुत गंदा कंट्री है, मैं उसके बारे में बात करना भी पसंद नहीं करता। भारत का पहले ही एक्शन लेना चाहिए था। जब बेटी को टीवी पर देखा तो मैं भावुक हो गया।

भाई बोले- देशभक्ति हमारे खून में : सोफिया के भाई संजय ने कहा कि उनकी बहन को दादा और पिता से प्रेरणा मिली जो सेना में थे। संजय ने कहा, ‘आप कह सकते हैं कि देशभक्ति हमारे खून में है। स्कूल खत्म करने के बाद सोफिया ने वडोदरा में एम एस यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में बीएससी और फिर एमएससी किया, क्योंकि वह प्रोफेसर बनना चाहती थी।’

संजय के साथ उनके पिता ताज मोहम्मद कुरैशी, मां हनीमा और बेटी जारा भी थे। संजय ने कहा, ‘मेरी बहन सहायक व्याख्याता के रूप में विश्वविद्यालय से जुड़ी और साथ ही उसी विषय में पीएचडी भी की, क्योंकि वह प्रोफेसर बनना चाहती थी। इस बीच, उसका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के माध्यम से भारतीय सेना में हो गया और उसने सेना में शामिल होने के लिए अपनी पीएचडी और शिक्षण करियर छोड़ने का फैसला किया।’

कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी
गुजरात की रहने वाली कर्नल सोफिया ने 1997 में मास्टर्स किया और फिर सेना की सिग्नल कोर में शामिल हो गईं। सोफिया के पति भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में अधिकारी हैं। वर्ष 2016 में कर्नल सोफिया ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब वह विदेश में भारतीय सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। वह ‘फोर्स 18’ में भाग लेने वाले 18 देशों में एकमात्र महिला कमांडर बनीं, जो आसियान प्लस देशों का एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है। संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के तहत छह वर्ष के कार्यकाल के दौरान 2006 में उन्हें कांगो में तैनात किया गया था।

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