
पटना। नौ मार्च से हड़ताल पर चल रहे अंचल एवं राजस्व अधिकारियों पर सरकार जुर्माने लगाने की तैयारी कर रही है। यह कार्रवाई जनगणना कार्य में बाधा डालने के आधार पर होगी। इस बीच बिरसा यूनाइटेड के अध्यक्ष आदित्य शिवमशंकर ने सरकार से हड़ताल के मुद्दे पर बातचीत करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार न्याय, सुशासन, पारदर्शिता एवं प्रशासनिक सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए राज्य को विकास एवं उत्तरदायी शासन की नई दिशा देगी।
उन्होंने बकाया कि बिहार राजस्व सेवा संवर्ग पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ सरकार की जनहितकारी नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। हमारी मांग न्यायपूर्ण है। इसे स्वीकार करने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने जनगणना कार्य में सहयोग न करने के आधार पर हड़ताली राजस्व एवं अंचलाधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई का आदेश दिया है।
जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 में ऐसे सरकारी सेवकों के विरूद्ध हजार रुपये के जुमार्ने का प्रविधान किया गया है, जो जवाबदेही मिलने के बाद भी जनगणना कार्य में सहयोग नहीं करते हैं। मालूम हो कि 17 अप्रैल से स्वगणना शुरू है। राजस्व एवं भूमि सुधार को इसका नोडल विभाग बनाया गया है।
