
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच गई है। CID में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ED ने ECIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े आर्थिक लेन-देन और मनी ट्रेल की भी पड़ताल किए जाने की संभावना है।



सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कथित अनियमितताओं के पीछे हुए आर्थिक लेन-देन, पैसों के प्रवाह और संभावित लाभार्थियों से जुड़े पहलुओं को खंगाला जाएगा। जांच में यदि वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं, तो मामले में अलग से FIR दर्ज किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
JPSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच CID पहले से कर रही है। इस मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से भी CID कई बार पूछताछ कर चुकी है।
वहीं, पूरे मामले को लेकर CBI में दो अलग-अलग मामले और रांची पुलिस में एक केस भी दर्ज है। विभिन्न जांच एजेंसियों के स्तर पर चल रही जांच के बीच ED की एंट्री से मामले का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
ED परीक्षा में कथित गड़बड़ी के साथ-साथ उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन, पैसों के स्रोत और संभावित लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। आने वाले दिनों में वित्तीय जांच के आधार पर मामले में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

