रांची। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपनिदेशक डॉ श्याम नारायण झा ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में कृषि अभियांत्रिकी का अधिकाधिक प्रयोग पर बल देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कृषि एक राज्य सूची में आने वाली विषय है। इसीलिए झारखंड सरकार को हर जिला और ब्लाक में एक कृषि अभियंता की नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।

झा ने कहा कि हाल ही में झारखंड सरकार ने 29-30 कृषि अभियंता की नियुक्ति की थी, जो सराहनीय है लेकिन और भी कृषि अभियंताओं की नियुक्ति क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने में बहुत मददगार साबित होगी। इसके साथ झारखंड सरकार को इन अभियंताओं की निगरानी तथा मार्गदर्शन के लिए एक कृषि अभियांत्रिकी निदेशालय की जल्द से जल्द गठन करना चाहिए। झा गुरुवार को नामकुम स्थित राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

झा ने कहा कि तीन राज्य जैसे कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडू ने कृषि अभियांत्रिकी निदेशालयों की गठन की, जिससे उन क्षेत्रों के किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि अभियंता के मदद से ज्यादा से ज्यादा कृषि में पंत्रीकरण में बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ने में बहुत मदद मिलेगी। इससे पैदावार में 20-22 प्रतिशत की बढ़ोतरी, खर-पतवार में 35-40 प्रतिशत की कमी, श्रमिकों की मजदूरी में कमी और सुक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा मिलेगा। इससे भूमिगत जल के स्टार में भी सुधार आएगा।

झा ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य है कि ब्राजील जेसे देशों के ही जैसे भारत में भी कृषि यंत्रीकरण 75 प्रतिशत तक बढ़ना चाहिए। अंत में उन्होंने भारत सरकार के छोटे-छोटे रोबोट बनाने या उन्हें कृषि में उपयोग करने के अपने निरंतर प्रयास पर भी चर्चा किया।

इससे पहले उपनिदेशक ने नामकुम स्थित राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान का दौरा किया। इस दौरान उपनिदेशक ने पूरे संस्थान का परिभ्रमण किया और उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं की जानकारी ली। साथ ही संस्थान के सभी सदस्यों के साथ एक बैठक की। इस क्रम में उन्होंने सभी वैज्ञानिकों के शोध से सम्बंधित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने आह्वान किया कि संस्थान की प्रगति में सभी सदस्यों का सहयोग आवश्यक है। सभी सदस्यों को उन्हें अपने आवंटित कार्यों को निष्ठापूर्वक सम्पादित करना चाहिए।

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