
पटना। गयाजी और पुनपुन में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को गयाजी में मेले का उद्घाटन करेंगे। देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों की सुविधा के लिए इस बार पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल सुविधाओं को भी जोड़ा गया है। पिंडदान गया जी मोबाइल ऐप और वेबसाइट पिंडदानियों के लिए डिजिटल सहारा बनेगी। इसके माध्यम से पिंडदान की वेदियों, धार्मिक अनुष्ठानों, पंडा, आवासन, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। पिंडदानी मेले में पहुंचने से पहले आनलाइन पंजीकरण कर अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे। पर्यटन विभाग की ओर से आगंतुकों के लिए बिहार के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की यात्रा के विशेष पैकेज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पिंडदान पैकेज और ई-पिंडदान की सुविधा भी दी जा रही है। फल्गु नदी के तट पर महाआरती का आयोजन प्रस्तावित है।
पुनपुन में पांच हजार क्षमता का पंडाल: पुनपुन में भी पिंडदानियों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुनपुन घाट पर पांच हजार क्षमता वाले पंडाल की व्यवस्था की गई है। यहां पिंडदान, पूजा-अनुष्ठान, पेयजल, शौचालय, प्रकाश, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
सूचना केंद्र, हेल्पलाइन और गाइड की व्यवस्था के साथ यातायात एवं पार्किंग के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पिंडदानियों के लिए पिंडदान पैकेज भी उपलब्ध है, जिसमें परिवहन, पूजा सामग्री, पिंडदान, भोजन और आवासन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
ट्रेन, परिवहन और जरूरी सुविधाओं की भी जानकारी: पिंडदान गया जी ऐप पर रेलवे समय-सारणी, हवाई कनेक्टिविटी और स्थानीय परिवहन की जानकारी उपलब्ध रहेगी। प्रमुख मार्ग, पार्किंग स्थल, प्रीपेड आॅटो-टैक्सी, ई-रिक्शा, आॅटो रिक्शा और बसों के निर्धारित किराये की जानकारी भी मिल सकेगी। शौचालय, पेयजल केंद्र, स्वास्थ्य शिविर और पुलिस कैंप की लोकेशन भी देखी जा सकेगी। डिजिटल खोया-पाया सुविधा के जरिए लापता व्यक्ति की सूचना दर्ज कराने और जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
वृद्ध और दिव्यांगों के लिए 150 निशुल्क ई-रिक्शा: मेले में वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 150 ई-रिक्शा निशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। गया में चांद चौरा चौक से विष्णुपद और विष्णुपद से बंगाली आश्रम तक पिंडदानी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। वहीं, 2500 बेड की टेंट सिटी के साथ सूचना केंद्र और समर्पित हेल्पलाइन की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी, ड्रोन और वीडियो कैमरों से निगरानी की जाएगी। बेहतर प्रबंधन के लिए पूरे क्षेत्र को पांच जोन और 54 सेक्टरों में बांटा गया है।

