
पटना। बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव को पुलिस गिरफ्तार कर14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया है। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के खिलाफ ये प्राथमिकी गांधी मैदान के गेट नंबर-10 पर तैनात दंडाधिकारी विजय कुमार तिवारी ने दर्ज कराई है। तेज प्रताप यादव के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 भी लगाई गई है। ये धारा आईपीसी की धारा 302 की तरह हत्या की कोशिश के लिए है।



तेज प्रताप यादव सहित 1000 अज्ञात उपद्रवियों पर दर्ज एफआईआर में बीएनएस की धाराएं 223, 191(2), 191(3), 190, 109, 126, 115(2), 121(1), 121(2), 132, 324(4), 292, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3/4 सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे ‘काकरोच जनता पार्टी’ और ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन’ (AISA) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गांधी मैदान के पास एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी करने लगे। आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 को लेकर इस पूरे क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू है, जिसके कारण बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या धरना पूरी तरह गैर-कानूनी है। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर (माइक) से लगातार घोषणा कर प्रदर्शनकारियों को समझाया गया, लेकिन बिना किसी वैध अनुमति के करीब 1000 लोगों की गैर-कानूनी भीड़ (नजायज मजमा) जमा रही।
तेजप्रताप के नेतृत्व में पुलिस पर जानलेवा हमला :एफआईआर में जिक्र किया गया है कि गेट नंबर-10 के आसपास जमा प्रदर्शनकारियों ने अचानक पुलिस बल को निशाना बनाते हुए पथराव करना शुरू कर दिया। इसी हंगामे और उपद्रव के बीच पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव खुद भीड़ के बीच पहुंच गए। आरोप है कि तेज प्रताप यादव के नेतृत्व में उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला बोल दिया।

