
रांची। झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां पल भर में छीन लीं। शहर के मरीन ड्राइव के पास खड़े एक ट्रक में बेकाबू कार के टकरा जाने से उसमें सवार चार होनहार युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह की 18 वर्षीया बेटी तृषा सिंह भी शामिल थीं। इस हादसे में तृषा के अलावा उनके तीन अन्य साथियों सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता और वंशिका खंडेलवाल की भी जान चली गई। चारों युवा पढ़ाई के सिलसिले में बुधवार रात अपने एक मित्र के घर एकत्र हुए थे, जिसके बाद वे कार से घूमने निकले थे। इसी दौरान मरीन ड्राइव के समीप सड़क किनारे खड़े ट्रक से उनकी कार की भीषण टक्कर हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और चारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सुबह जैसे ही अपनों को खोने की खबर परिवारों तक पहुंची, रांची से लेकर जमशेदपुर तक मातम छा गया। तृषा सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम रांची स्थित मंत्री के स्मार्ट सिटी आवास लाया गया।जब धुर्वा के सीठियो श्मशानघाट के लिए उनकी अंतिम यात्रा निकली, तो मूसलाधार बारिश के बीच माहौल बेहद गमगीन हो उठा। श्मशान घाट पर पिता रत्नेश सिंह ने कांपते हाथों से अपनी मासूम बेटी को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार और शुभचिंतकों का करुण क्रंदन देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन मंत्री आवास पहुंचे और तृषा के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। दोनों ने परिजनों से मुलाकात कर इस वज्रपात जैसी घड़ी में अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री इरफान अंसारी, योगेंद्र प्रसाद, राधाकृष्ण किशोर, विधायक अनूप सिंह, सुरेश बैठा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, कैबिनेट सचिव वंदना दादेल और कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी समेत कई गणमान्य लोगों ने आवास पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।इस दुखद हादसे और असमय हुई चार मौतों से उत्पन्न शोक के कारण राज्य सरकार ने 25 सितंबर को प्रस्तावित झारखंड मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक को स्थगित कर दिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की।




