
मोतिहार। बिहार के पूर्वी चंपारण जिला के केसरिया रोड स्थित कैथवलिया गांव इन दिनों पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। यहां बन रहे विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर और इस परिसर में स्थापित होने वाला सहस्त्रलिंगम शिवलिंग इस समय चर्चा का मुख्य विषय है। शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा शनिवार को होगी।
विशाल शिवलिंग की स्थापना के लिए विशेष क्रेन मंगाई जा चुकी है। स्थापना के बाद कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत देश की प्रमुख नदियों के जल से हेलीकॉप्टर द्वारा जलाभिषेक और पुष्पवर्षा की योजना बनाई गई है। देशभर से साधु-संत और आचार्य यहां पहुंचने लगे हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक तैयारियां चल रही हैं।
चंपारण प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिकिशोर राय, पूर्वी चंपारण के उपायुक्त जिलाधिकारी (डीएम) सौरभ जोरवाल, पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात और अन्य अधिकारी लगातार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। हेलीपैड, भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है।
श्रद्धालुओं के भारी जुटान की संभावना के को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन सजग है। स्थानीय लोग भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। मंदिर के उद्घाटन को लेकर लोगों में भारी उत्साह है और हर-हर महादेव, बोलबम के नारे पूरे क्षेत्र में गूंज रहे हैं।
तमिलनाडु से लाए गए 33 फीट ऊंचे और 210 टन वजनी इस सहस्त्रलिंगम शिवलिंग में 1008 शिवलिंग की प्रतिकृतियां बनी हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इसके जलाभिषेक से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। प्राण-प्रतिष्ठा से पहले अब तक 50 लाख से अधिक लोग इसका दर्शन कर चुके हैं और प्रतिदिन लगभग तीन लाख लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं।
