
रांची। रांची के बड़गाईं अंचल के शांति नगर स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बुधवार को पीएमएलए की विशेष अदालत में आरोप गठित कर दिया गया। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पढ़कर सुनाए, जिसे मुख्यमंत्री ने निराधार और गलत बताया। इसके बाद अदालत ने आरोप गठित करते हुए अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने का निर्देश दिया। अब मामले में ट्रायल चलेगा। अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।मामले में हेमंत सोरेन समेत कुल 17 आरोपित हैं। अदालत पहले ही अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत 16 आरोपितों के खिलाफ आरोप गठित कर चुकी है। हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मामले की सुनवाई साक्ष्य के चरण में आगे बढ़ेगी।अदालत में आरोप पढ़े जाने के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों में कहा गया कि हेमंत सोरेन पर वर्ष 2010-11 से बड़गाईं के शांति नगर में स्थित 8.86 एकड़ जमीन पर कथित कब्जे और नियंत्रण का आरोप है। यह जमीन 12 भूखंडों में फैली हुई है। अभियोजन के मुताबिक, इस जमीन पर मैरिज बैंक्विट हॉल बनाने की योजना थी और उसका साइट प्लान आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह से तैयार कराया गया था। जमीन से जुड़े बिजली कनेक्शन में हिलेरियस कच्छप का नाम सामने आने की बात भी जांच में कही गई है। मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताया है।मामले में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद समेत अन्य लोग आरोपित हैं।इसी मामले में हेमंत सोरेन ने पीएमएलए विशेष अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देते हुए झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। उनकी ओर से निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी। बुधवार को उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पीएमएलए विशेष अदालत में चल रही आरोप गठन की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई। इसका मतलब यह हुआ कि उच्च न्यायालय में याचिका लंबित रहने के बावजूद निचली अदालत में आरोप गठन की कार्यवाही आगे बढ़ सकती थी और बुधवार को वह पूरी भी हो गई।मामले की उच्च न्यायालय में 29 सितंबर को आंशिक सुनवाई हुई थी। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने 30 सितंबर को दोपहर 2:15 बजे विस्तृत सुनवाई तय की थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय से जवाब मांगा और संबंधित जवाब/पूरक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की है।इस तरह फिलहाल उच्च न्यायालय में हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई जारी है, जबकि पीएमएलए की विशेष अदालत में उनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब विशेष अदालत में अभियोजन पक्ष गवाह और साक्ष्य पेश करेगा तथा मामले का ट्रायल आगे बढ़ेगा।
