
पटना। बिहार सरकार ने बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं, किसानों, पोषण और हरित ऊर्जा से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें ह्यदोगुना रोजगार, दोगुना आय के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को नए संशोधनों के साथ लागू करने का फैसला खास है। कार्यक्रम के तहत हर साल 2,57,440 युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, इससे सीधे 4,572 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा कृषि फीडरों के सोलराइजेशन और बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई।
कुशल युवा कार्यक्रम यानी डिजिटल मित्र को संशोधनों के साथ लागू करने की मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत युवाओं को कुल 270 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में रोजगारपरक कौशल के साथ अंग्रेजी और व्यवहार कौशल पर भी जोर रहेगा। इसके अलावा कार्यस्थल नैतिकता, रोजगार की तैयारी और आॅन-जॉब प्रशिक्षण को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। सरकार ने कार्यक्रम में युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने वाले घटक को प्राथमिकता दी है। यानी प्रशिक्षण के साथ रोजगार की संभावनाओं को भी इस कार्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया गया है।
871 केंद्रों से हर साल हजारों युवाओं तक पहुंचेगा कार्यक्रम : कार्यक्रम के संचालन के लिए 871 कुशल युवा कार्यक्रम संचालकों को स्वीकृति दी गई है। ये वही संचालक हैं जो सात निश्चय-2 की अवधि समाप्त होने के समय काम कर रहे थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन केंद्रों से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इन केंद्रों के माध्यम से हर साल 2,57,440 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
2554 कृषि फीडर होंगे सोलर : कैबिनेट ने राज्य के बचे हुए 2554 कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत 2585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार इसके लिए 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से 2714.25 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। योजना के तहत 946 विद्युत उपकेंद्रों में सोलराइजेशन का काम किया जाएगा। ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए 47.30 करोड़ रुपये की राशि भी दी जाएगी। इस तरह योजना के लिए कुल 2761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी मिली है। सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र की बिजली जरूरत को सौर ऊर्जा के जरिए पूरा करना है। इससे कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार के मुताबिक इससे बिजली पर होने वाले सरकारी खर्च को कम करने की दिशा में भी मदद मिलेगी। योजना को किसानों की आय बढ़ाने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने से भी जोड़ा गया है। कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल का दायरा बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इसके क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।
आंगनबाड़ी में मिलेगा पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद : मंत्रिमंडल ने सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के तहत एक और अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी। पात्र लाभार्थियों को पारंपरिक सूखे राशन की जगह रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत और पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद दिए जाएंगे।

