पटना। बिहार में क्राइम कंट्रोल पर नीतीश सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। भविष्य में पुलिसिंग की और चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पुलिस में 60 हजार से अधिक नियुक्तियां जल्द होंगी। मार्च 2027 तक नियुक्ति की प्रक्रिया हर हाल में पूरी कर ली जाएगी। राज्य में तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण के लिए विधि-व्यवस्था और चुस्त-दुरुस्त होगी। इसके मद्देनजर सरकार जल्द ही दो पुलिस बटालियन बनाने जा रही है।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तर्ज पर बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल और महिलाओं की सुरक्षा हेतु अभया बिग्रेड (पुलिस दीदी) का गठन जल्द होगा।

औद्योगिक सुरक्षा बल का काम सिर्फ उद्योगों को सुरक्षा प्रदान करना होगा। इसी तरह केंद्र की तर्ज पर राज्य में नेशनल फारेंसिंग विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।

उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में इसकी घोषणा की। उन्होंने सदन में गृह विभाग के बजट चर्चा के दौरान सरकार का उत्तर देते हुए राज्य में भविष्य की पुलिसिंग का पूरा रोडमैप पेश किया। सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गृह विभाग का 20132 करोड़ 86 लाख 69 हजार रुपये का बजट पारित हुआ।

31 हजार सिपाहियों के पद : सम्राट चौधरी ने अपनी घोषणा में बताया कि गृह विभाग में जो 60 हजार नियुक्ति होंगी उसमें 31 हजार सिपाहियों के पद शामिल हैं। इसके अलावा बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल के 13500 और सैप के 1700 पद शामिल हैं। उन्होंने अग्निवीरों के लिए पुलिस नियुक्ति में विशेष आरक्षण का प्रविधान लागू करने की भी घोषणा की। इसके अलावा केंद्र की तर्ज पर ही एसएसजी का गठन और स्पेशल बम निरोधक दस्ता तैयार करने की भी घोषणा की।

महिला सुरक्षा से समझौता नहीं : सम्राट चौधरी ने अपराधियों और माफिया को कड़े शब्दों में चेताते हुए कहा कि अपराध करने वालों को पुलिस छोड़ती नहीं और न छोड़ेगी। विशेषकर महिला अपराध करने वालों पर कार्रवाई करने की पुलिस को पूरी छूट है। चाहे वो कोई भी हो।

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