
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आर्थिक नीतियों में बुनियादी सुधार किए हैं और आगे भी ऐसे सुधार जारी रहेंगे। श्री मोदी ने चाणक्य इकोनॉमिक कान्क्लेव (सम्मेलन) को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि समावेशी है और दस साल में गरीबी कम हुई है। सम्मेलन में उपस्थित देश विदेश के निवेशकों और विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी प्रतिबद्धता है कि भारत को विकसित बनाने के लिए लगातार बुनियादी सुधार करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे पहले तीन महीनों की नीतियों का प्रतिबिंब है, उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान 15 ट्रिलियन रुपये या 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के फैसले लिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने भारत को आजादी के सौ साल पूरे होने तक (2047 तक) विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। मंच पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इंस्टिट्यूट आॅफ इकॉनोमिक ग्रोथ के अध्यक्ष एन के सिंह भी उपस्थित थे। यह तीसरा कॉन्कलेव संस्करण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश विनिर्माण क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है ताथा मोबाइल फोन, दुपहिया वाहनों के विनिर्माण और निर्यात में बड़ी उपलब्धियां दर्ज की है। उन्होंने कि सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक वृद्धि सर्वहितकारी हो और इसका लाभ आबादी में नीचे तक पहुंचे।
मोदी ने कहा कि रिफार्म, परफॉर्म और ट्रांसफार्म के मंत्र पर चलते हुए हम लगातार निर्णय ले रहे हैं,देश को तेज गति से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से वृद्धि कर रही बड़ी अर्थव्यवस्था है और सकल घरेलू उत्पाद के हिसाब से देश पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत में आर्थिक वृद्धि के साथ समावेशिता भी हो रही है। पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रशिक्षु योजना के तहत बने पोर्टल पर पहले ही दिन 111 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है। इस स्कीम के तहत हम एक करोड़ युवाओं को बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप प्राप्त करने में सहायता कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रक्रियाओं में सुधार को सरकार का एक निरंतर चलने वाला काम बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि 40 हजार से अधिक औपचारिकताओं को पूरा करने की जरूरत समाप्त कर दी गयी है तथा बहुत से कानूनों में कई गलतियों पर जेल की सजा के प्रावधान समाप्त कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में जल्दी ही पांच सेमी कंडकटर कारखाने काम करना शुरू कर देंगे और वहां से दुनिया को मेड इन प्रोसेसर चिप मिलने लगेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया में दो बड़े भागों में युद्ध की स्थिति है और ये दोनों इलाके विश्व अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बहुत अहम हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच हम सभी यहां भारत के युग की चर्चा कर रहे हैं जो यह दशार्ता है कि आज भारत पर विश्वास कुछ अलग ही है, आज भारत का आत्म विश्वास कुछ खास है।
भारत में निवेश करने का यह सही समय : उन्होंने कहा कि वैश्विक नेता और वित्तीय विशेषज्ञ भारत की वृद्धि को लेकर आशावादी हैं। निवेशकों का मानना है कि भारत में निवेश करने का यह सही समय है। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह पिछले एक दशक में भारत में हुए सुधारों का नतीजा है। हमने बीते दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर पर इन्वेस्टमेंट को अभूतपूर्व स्केल पर बढ़ाया है। भारत ने प्रोसेस रिफोर्मस को सरकार की सतत गतिविधियों का हिस्सा बनाया है। हमने 40 हजार से ज्यादा अनुपालन को खत्म किया, अनुपालन एक्ट को डीक्रिमानलाइज किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए हमने पीएलआई की शुरूआत की। पीएलआई की वजह से 1.25 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है। स्पेस सेक्टर में अब 200 से ज्यादा स्टार्टअप हैं।
