गोड्डा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण झारखंड की डेमोग्राफी बदल रही है। यही हाल रहा तो आगामी दिनों में आदिवासियों के लिए खतरा है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो बांग्लादेशी घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर निकाला जायेगा। मरांडी शनिवार को पोड़ैयाहाट मैदान में आयोजित परिवर्तन सभा में बोल रहे थे। मरांडी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ही आदिवासी द्रौपदी मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद पर बैठाया और राष्ट्रपति बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज झारखंड में सबसे ज्यादा कोई प्रभावित हुए हैं तो हमारे आदिवासी समाज के लोग हैं।

मरांडी ने कहा कि भाजपा ही आदिवासियों के माटी, रोटी और बेटी की रक्षा कर सकती है। इसलिए माटी, रोटी और बेटी की रक्षा के लिए प्रदेश में भाजपा की सरकार बनानी होगी। उन्होंने कहा कि 1951 में आदिवासियों की संख्या 36 प्रतिशत थी, जो घट कर 26 प्रतिशत हो गई है। संथाल परगना में आदिवासियों की संख्या 44 प्रतिशत थी, जो घटकर 28 प्रतिशत हो गई है। झारखंड मेंआदिवासियों की संख्या लगातार घट रही है।

मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरते हुए कहा कि झारखंड के बालू को मुंबई, कोलकाता और अन्य शहरों में बेचा जा रहा है। पहाड़ों से पत्थर की खुदाई करके बेच जा रहा है। सेना की जमीनों को भी नहीं छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि झामुमो सीएनटी एक्ट की रक्षा करने का दावा करती है और दूसरी ओर हेमंत सोरेन ने ही सीएनटी एक्ट का सबसे अधिक उल्लंघन किया है। सीएनटी एक्ट में फजीर्वाड़ा कर झारखंड की जमीन बेंचने का काम किया है। लोगों की जमीन में गड़बड़ी की है और अब जब लोग जमीन का दस्तावेज ठीक कराने जा रहे हैं तो अफसर उनसे पैसा मांग रहे हैं। भाजपा की सरकार बनी तो गांव-गांव में अफसर जाकर लोगों की जमीन के दस्तावेज ठीक करने का काम करेंगे, अगर नहीं करेंगे तो उन्हें जेल भेजा जाएगा।

मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव नजदीक है तो हेमंत सोरेन मंईंया सम्मान योजना लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भाजपा सरकार महिलाओं को सम्मान निधि दे रही है। झारखंड में भाजपा की सरकार बनी तो भाजपा ही महिलाओं का सम्मान करेगी। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने कसम खाया था कि यदि 5 लाख युवाओं को नौकरी नहीं मिलेगी तो संन्यास ले लेंगे। इस सरकार ने नौकरी तो दी नहीं लेकिन उत्पाद सिपाही बहाली के नाम पर युवाओं को इतना दौड़ाया कि उनकी मौत हो गई।

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