नई दिल्ली। दिल्ली में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलते हुए आतिशी को दिल्ली का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से आतिशी के नाम पर मुहर लगाई। इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज शाम को औपचारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा देंगे। इस फैसले से दिल्ली की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां आतिशी , जो केजरीवाल के करीबी और पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, अब दिल्ली के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे।

आतिशी, जो शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में अपनी उल्लेखनीय भूमिका के लिए जानी जाती हैं, अब दिल्ली की अगुवाई करेंगी। वह पहले भी केजरीवाल सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं और दिल्ली के शिक्षा मॉडल को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में मदद की है।

आतिशी 2013 के विधानसभा चुनावों के लिए आप का घोषणापत्र तैयार करने वाली समिति की प्रमुख सदस्य थीं। वह आम आदमी पार्टी को विस्तार देने में अहम भूमिका निभाती रही हैं।दिल्ली सरकार के मुखिया केजरीवाल के बाद आतिशी इस वक्त सरकार में दूसरी सबसे पावरफुल मंत्री है। वर्तमान में दिल्ली कैबिनेट में उनके पास पांच विभाग हैं। इनमें महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पर्यटन, कला, संस्कृति और भाषा, लोक निर्माण विभाग और बिजली शामिल हैं।

शाम को केजरीवाल के इस्तीफा देने के बाद आतिशी का शपथ ग्रहण समारोह जल्दी ही आयोजित किया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को जमानत मिल गई थी। उसी दिन ही वह जेल से बाहर आ गए। उसके बाद केजरीवाल ने रविवार को आम आदमी पार्टी मुख्यालय में कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मैं दो दिन बाद सीएम पद से इस्तीफा दूंगा। मैं तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा जब तक जनता अपना फैसला ना सुना दे। आप अपना फैसला सुनाओगे तब मैं जाकर उस कुर्सी पर बैठूंगा। आपको लग रहा होगा कि अब में ऐसा क्यों बोल रहा हूं, इन्होंने मुझपर आरोप लगाया है कि केजरीवाल चोर है, भ्रष्टाचारी है, इस काम के लिए नहीं आया था मैं।

केजरीवाल ने भगवान राम के वनवास का जिक्र करते हुए कहा था कि 14 साल के बाद भगवान राम वनवास से लौटे तो सीता मैया को अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी। आज मैं जेल से लौटा हूं, मुझे अग्निपरीक्षा देनी होगी। फरवरी में चुनाव हैं, मैं मांग करता हूं कि ये चुनाव नवंबर में महाराष्ट्र के साथ कराए जाएं। जब तक आपका फैसला नहीं आएगा तब तक मैं जिम्मेदारी नहीं संभालूंगा और जब तक चुनाव नहीं होता तब तक मेरी जगह आम आदमी पार्टी से कोई और सीएम बनेगा।

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