
श्रीनगर । भारत ने पाकिस्तान पर एक बड़ी वॉटर स्ट्राइक की है। उसने चिनाब नदी पर बने सलाल बांध और बगलिहार के सारे गेट खोल दिए हैं। बगलिहार और सलाल बांध के सारे गेट खुलने के बाद पानी का तेज बहाव पाकिस्तान की ओर निकला है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इन बांध को बंद करके पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोक दिया था। यह फैसला सिंधु जल संधि को रद्द करने के बाद लिया गया था। अब सलाल डैम और बगलिहार के सारे गेट खुलने से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है।
चिनाब नदी पर बने रियासी के सलाल बांध के सभी 5 गेट खुले हुए दिखाई दे रहे हैं। बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट डैम रामबन के भी गेट खोल दिए गए हैं। इन गेट से पानी का बहाव इतना तेज है कि धुआं सा उठता नजर आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान की ओर सैलाब बहकर जा रहा हो। पाकिस्तान के कई इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी। लोग अपनी सरकार से सवाल पूछेंगे कि भारत ने पानी क्यों छोड़ा।
पाकिस्तान के 21 करोड़ लोग होंगे प्रभावित : भारत ने पहले सिंधु जल संधि को निलंबित करके सलाल और बगलिहार डैम के सभी गेट बंद कर दिए थे। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाला पानी रुक गया था। सिंधु और उसकी सहायक नदियां चार देशों से होकर बहती हैं। लगभग 21 करोड़ लोग इन नदियों के पानी पर निर्भर हैं। इधर अब बाढ़ आने से बड़ी संख्या में पाकिस्तान के लोगों के जीवन पर असर पड़ेगा। पाकिस्तान के निचले इलाके पानी में डूब जाएंगे।