
रांची। अब सभी जिला (सदर) अस्पतालों को समीपवर्ती मेडिकल कालेज को हस्तांतरित किया जाएगा। उनके संचालन की जिम्मेदारी उक्त मेडिकल कालेज की होगी। स्वास्थ्य विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सिविल सर्जनों के साथ हुई समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने इस प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए सदर अस्पतालों में माड्यूलर ओटी के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव ने अस्पताल संचालन एवं रखरखाव से जुड़े निर्देशों की समीक्षा करते हुए सभी सिविल सर्जनों से उनके जिलों के अस्पतालों की रंग-रोगन की तस्वीरें मांगी।
अस्पतालों का रंग-रोगन कर स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर फोटो अपलोड करें
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मार्च से पहले सभी जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों का रंग-रोगन पूरा कर लिया जाए तथा स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर फोटो अपलोड किया जाए।
उन्होंने सिविल सर्जनों को अस्पतालों में सभी आवश्यक मशीनों के शीघ्र क्रय के निर्देश भी दिए। बैठक में रिम्स ट्रामा सेंटर के प्रभारी डा. पी. भट्टाचार्य ने ट्रामा सेंटर को लेकर अपने सुझाव रखे।
जानकारी दी गई कि राज्य में 49 स्थानों पर घायलों के त्वरित उपचार के लिए ट्रामा सेंटर शुरू किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्स, टेक्नीशियन और अत्याधुनिक लाइफ सेविंग मशीनें उपलब्ध होंगी।
इसके साथ ही हर जिले में 10 बेड की आइसीयू और एक टेली आइसीयू स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। डॉ. भट्टाचार्य ने बताया कि फिलहाल पांच जिलों के सदर अस्पतालों में टेली आइसीयू के माध्यम से जांच की जा रही है।
इसका मूल्यांकन रिम्स के चिकित्सक कर रहे हैं। बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डा. सिद्धार्थ सान्याल सहित कई विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
