
रांची। जिलों के कोषागार से अवैध तरीके से वेतन निकासी मामले की जांच में ईडी की एंट्री हो गई है। ईडी ने इस मामले में इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज कर ली है। इस ईसीआईआर में ईडी ने बोकारो व हजारीबाग के अलावा रांची में दर्ज अवैध वेतन निकासी से संबंधित केस को भी जोड़ा है। अब ईडी इस केस से जुड़े सभी आरोपितों को रिमांड पर लेगी और उनसे पूछताछ करेगी।
जांच की आंच संबंधित जिले के उन अधिकारियों तक भी पहुंचेगी, जिनके कार्यकाल में अवैध वेतन की निकासी हुई थी। जिनके खाते में रुपये गए और निकले, उनसे भी ईडी पूछताछ करेगी। ईडी अपने इस ईसीआइआर में अवैध वेतन निकासी के अन्य सभी मामलों को भी जोड़ेगी, जिसकी जांच जिला या सीआईडी के स्तर पर चल रही है।
बोकारो कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले में जांच के क्रम में बोकारो पुलिस व सीआइडी ने पाया है कि वहां अवैध तरीके से करीब 11 करोड़ रुपये की निकासी का मामला है। बोकारो के बीएस सिटी थाने में दर्ज केस को टेकओवर करते हुए सीआईडी ने सीआईडी थाना रांची में केस री-रजिस्टर्ड किया था। इस केस में बोकारो पुलिस ने एसपी बोकारो के लेखा शाखा में कार्यरत लेखापाल सह कांड के मास्टरमाइंड सिपाही कौशल कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सीआईडी ने केस को टेकओवर करने के बाद तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इन तीनों आरोपितों में काैशल कुमार पांडेय के सहयोगी सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह, अशोक कुमार भंडारी और काजल मंडल शामिल हैं।

