रांची। राज्य में शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इसी हफ्ते निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे और उनके सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। इस प्रकरण में 20 मई से अब तक दस आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच के तहत साक्ष्य जुटाने का काम तेजी से चल रहा है।

चार्जशीट दाखिल करने से पहले अनुसंधान पदाधिकारी पुख्ता साक्ष्य और संबंधित दस्तावेजों को एकत्र कर रहे हैं, जिसे रांची की एसीबी विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार, पूर्व आयुक्त उत्पाद अमित प्रकाश, प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन के नीरज कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया, होलोग्राम कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी के विधु गुप्ता, श्री ओम साईं बेवरेजेज के अतुल कुमार सिंह और मुकेश मनचंदा शामिल हैं।

एसीबी अन्य अज्ञात आरोपितों को भी चार्जशीट में शामिल करने की योजना बना रही है। आरोप है कि मई 2022 में लागू उत्पाद नीति में आपसी मिलीभगत से आपराधिक साजिश रचकर कमीशन के रूप में करोड़ों रुपये की वसूली की गई।

फर्जी बैंक गारंटी पर काम करने वाली प्लेसमेंट एजेंसियां मार्शन और विजन के निदेशकों, विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, और आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी को भी आरोपित बनाया जा सकता है। चार्जशीट में गिरफ्तार और फरार सभी आरोपितों को शामिल करने की रणनीति है।

ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय कुमार सिंह से एसीबी ने की पूछताछ : सोमवार को एसीबी ने नेक्सजेन ऑटोमोबाइल कंपनी के संचालक विनय कुमार सिंह से पूछताछ की। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था, लेकिन उन्होंने अग्रिम जमानत ले ली। पूछताछ में विनय चौबे के काले धन में निवेश और धन शोधन के आरोपों पर सवाल किए गए। दिनभर चली पूछताछ में उनके रिश्तों और साक्ष्यों पर चर्चा हुई, जिसे चार्जशीट में शामिल किया जाएगा।

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