
रांची। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य सरकार की ओर से जांच के लिए गठित एसआईटी में बार-बार बदलाव किए जाने से उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। जब सरकार स्वयं जांच के लिए गठित एसआईटी को बार-बार बदल रही है, तो उसकी जांच पर विद्यार्थियों का विश्वास कैसे कायम रह सकता है। ऐसी स्थिति में झारखंड के विद्यार्थियों को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र विश्वसनीय विकल्प है।



एबीवीपी ने मांग की है कि जेपीएससी और जेएसएससी से संबंधित सभी संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा, जिसकी शुचिता को लेकर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ है, उसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए।
अभाविप पिछले 30-31 जुलाई से लगातार विद्यार्थियों के आंदोलन के साथ खड़ी है। जिला और प्रदेश स्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन किए गए हैं। 10 अगस्त को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का प्रयोग किया गया और 11 अगस्त को एबीवीपी के नेतृत्व में विधानसभा घेराव कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की गई। साथ ही सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। सोलंकी ने कहा कि राज्य भर से रांची आ रहे विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्थानों पर रोकने के प्रयास किए गए। लगातार दो दिनों तक हुई लाठीचार्ज की घटनाएं, विद्यार्थियों की गिरफ्तारी सरकार के विद्यार्थी विरोधी चरित्र को स्पष्ट रूप से उजागर करते हैं। झारखंड के विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में आनेवाले दिनों में सगठन पूरे राज्य में जनप्रतिनिधियों से मिलकर इस मामले को उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में आंदोलन, प्रदर्शन और अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही देशभर की विद्यार्थियों को झारखंड के विद्यार्थियों के न्याय के लिए लामबंद करते हुए देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। विद्यार्थियों की आवाज को लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और प्रशासनिक दमन से दबाया नहीं जा सकता। एबीवीपी विद्यार्थियों की समस्याओं के न्यायपूर्ण समाधान तक संघर्षरत रहेगी।

