
बोधगया। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी)-3, बोधगया परिसर में शुक्रवार को 1084 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों की भव्य पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। 36 सप्ताह के बुनियादी प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब ये महिला सिपाही बिहार पुलिस का हिस्सा बनकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में अपनी अहम भूमिका निभाएंगी।



समारोह के मुख्य अतिथि मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईपीएस) विकास वैभव ने परेड की सलामी ली। उन्होंने नवदीक्षित महिला सिपाहियों को संविधान के प्रति निष्ठा, अनुशासन, साहस, जनसेवा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना ही एक पुलिसकर्मी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
पासिंग आउट परेड में महिला सिपाहियों ने अनुशासन, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट तालमेल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण में औरंगाबाद की 268, भोजपुर की 282, नवादा की 254, शेखपुरा की 109, जहानाबाद की 93 तथा अरवल की 78 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों ने भाग लिया।इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक गया सुशील कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक उपेंद्र प्रसाद, बीएसएपी-3 के समादेष्टा-सह-प्राचार्य सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने नवदीक्षित महिला सिपाहियों को जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने का संदेश देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।समादेष्टा-सह-प्राचार्य उपेंद्र प्रसाद, उप-प्राचार्य पूनम कुमारी तथा प्रशिक्षण प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक अमित नंदन ने प्रशिक्षण की सफलता पर सभी महिला सिपाहियों को बधाई दी और उन्हें राष्ट्र सेवा तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
आईजी विकास वैभव ने कहा कि नवदीक्षित महिला सिपाहियों ने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए बिहार पुलिस की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

