
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय संवाद में रक्षाबंधन के पूर्व आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को रोजगार और स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान की शुरूआत की मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में बिहार की एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 50 लाख दूध उत्पादन व बिक्री से जुड़ेंगी। इसी के साथ उन्होंने महिलाओं को रोजगार और स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय (25 से 27 अगस्त) विशेष अभियान की शुरूआत की। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, डेरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा। समारोह में जीविका दीदी, सुधा सखी और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने रक्षासूत्र बांधकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका से जुड़ी 1.81 करोड़ महिलाओं और 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने पशुपालन एवं दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि अभी लगभग 12 लाख किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं, जिसे बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का लक्ष्य है। महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र तथा दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़कर रोजगार दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर डेरी क्षेत्र में महिलाओं की लगभग 70 प्रतिशत भागीदारी है। बिहार में इसे बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को दूसरी और तीसरी किस्त मिलाकर 60 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सभी पंचायतों में एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए जीविका दीदी का चयन लाटरी के माध्यम से होगा। भविष्य में इसे गांवों तक विस्तार देने की योजना है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोले जाएंगे।
सुधा सखी: मुख्यमंत्री ने सुधा सखी प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। जीविका-सुधा बिक्री केंद्रों के आवंटन-पत्र वितरित किए। महिलाओं द्वारा संचालित पशु औषधि बिक्री केंद्रों के लिए चयनित महिलाओं को चयन-पत्र दिए। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के निबंधन प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
अंतरजातीय विवाह की प्रोत्साहन राशि: मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतजार्तीय विवाह करने पर अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की युवतियों को राज्य सरकार अब सवा लाख रुपये देगी। अभी तक एक लाख रुपये का प्रविधान है। केंद्र सरकार भी सवा लाख रुपये देती है। इस तरह अब उन्हें ढाई लाख रुपये मिलेंगे।
सभी वर्ग की छात्राओं को प्रोत्साहन राशि: प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने पर सभी वर्ग की छात्राओं को 30 हजार से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। अभी तक इसका प्रविधान अनुसूचित जाति-जनजाति और अति-पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए था।
मिथिला हस्तकला सोसायटी: मुख्यमंत्री ने मिथिला हस्तकला को-आपरेटिव सोसायटी के गठन की घोषणा की। नव-नियुक्त अध्यक्ष व सदस्यों को प्रमाण-पत्र दिए। पद्मश्री दुलारी देवी इसकी अध्यक्ष बनाई गई हैं। पद्मश्री शांति देवी और पद्मश्री शिवम पासवान को सह अध्यक्ष का दायित्व मिला है। रानी झा सदस्य हैं।

