
रांची : हर मतदाता का वोट बेशकीमती है और उसे सोच-समझकर मतदान करना चाहिए।शनिवार को ये बातें रांची के डीडीसी और स्वीप के नोडल पदाधिकारी दिनेश कुमार यादव ने कहीं। वे रांची प्रेस क्लब में एडीआर और मंथन युवा संस्थान की ओर से आयोजित स्टेट कंसलटेशन वोटर्स अवेयरनेस प्रोग्राम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान वोटर्स का टर्नआउट बेहद कम है और शहरी क्षेत्र में यह और भी कम है। ऐसे में यह समाज और युवाओं का दायित्व है कि वे मतदान के प्रति जागरूक हों और बढ़चढ़कर मतदान करें।
उन्होंने कहा कि नेता वही करते हैं जो वोटर्स उनसे करवाते हैं। ऐसे में वोट करते समय छोटे-छोटे प्रलोभनों से बचें। जागरूक वोटर बनें और चुनाव के दौरान कुछ भी अवैध गतिविधि हो तो उसकी सूचना एप के जरिये दें।
कार्यक्रम में मंथन युवा संस्थान के सीइओ सुधीर पाल ने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचा कैसे और जनपक्षीय बने, इसमें सिविल सोसायटी और मीडिया की अहम भूमिका है।
सिविल सोसायटी की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि सिविल सोसायटी की पहली भूमिका लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित करना है।
क्योंकि वोट से ही समाज और राजनीति में बदलाव आ सकता है। उन्होंने कहा कि लोग वोट के जरिये जनप्रतिनिधि चुन तो लेते हैं पर पांच साल तक उनसे सवाल नहीं पूछते।
ऐसा उचित नहीं है, जनप्रतिनिधि को जवाबदेह बनाने के लिए उनसे सवाल पूछना जरूरी है। श्री पाल ने कहा कि सिविल सोसायटी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच सेतु का काम करती है।उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी केवल परिभाषा नहीं है, समाज में लोकतांत्रिक मूल्यों को पुर्नस्थापित करना भी हमारा दायित्व है।
श्री पाल ने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी रोकने का काम सिर्फ चुनाव आयोग और सरकारी मशीनरी का नहीं है, इसे रोकने की जिम्मेवारी हमारी भी है। इसलिए, युवा वोट करें और विवेक के साथ अपने मत का प्रयोग करें।
कार्यक्रम में रांची प्रेस क्लब के सचिव अमरकांत ने कहा कि हर युवा और समाज के सजग नागरिक का यह दायित्व है कि वो कम से कम दस लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करे। कार्यक्रम में वोट क्यों डाले विषय पर निबंध लिखनेवाले उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार शंभुनाथ चौधरी, छंदोश्री ठाकुर तथा विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित थे।
