
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयुष मंत्रालय ने बुजुर्गों के स्वस्थ, सक्रिय और गरिमापूर्ण जीवन पर जोर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन योग, संतुलित आहार, पर्याप्त आराम और उचित देखभाल के जरिए बुजुर्ग बेहतर स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता बनाए रख सकते हैं।



मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में कहा कि बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक स्तर पर कई बदलाव आते हैं। ऐसे में नियमित योग और हल्की शारीरिक गतिविधियां स्वस्थ तरीके से उम्र बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित योग अभ्यास से लचीलेपन और शरीर के संतुलन में सुधार हो सकता है। साथ ही यह ताकत बनाए रखने, चलने-फिरने की क्षमता को बेहतर रखने और रोजमर्रा के कामों में आत्मनिर्भरता बनाए रखने में मददगार हो सकता है। बुजुर्गों के लिए सक्रिय रहना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनकी समग्र कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता बेहतर रखने में मदद मिलती है।
मंत्रालय ने स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार को भी जरूरी बताया। पर्याप्त मात्रा में भोजन और शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखना बुजुर्गों को कमजोरी और पोषण की कमी से बचाने में सहायक हो सकता है।
आयुष मंत्रालय ने कहा कि स्वास्थ्य का मतलब केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना नहीं है। मानसिक और सामाजिक खुशहाली भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। योग इन सभी पहलुओं पर सकारात्मक प्रभाव डालने में मदद कर सकता है।
हर साल 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य बुजुर्गों के अधिकारों, उनकी देखभाल और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मंत्रालय ने बुजुर्गों से अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार नियमित रूप से योग एवं हल्की शारीरिक गतिविधियां अपनाने की अपील की।

