नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अमेठी तथा रायबरेली को अपने परिवार का घर बताते हुए कहा है कि उन्होंने रणनीति के तहत चुनाव नहीं लड़ा है और यदि वह दोनों भाई-बहन चुनाव लड़ते तो इसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को होता।

श्रीमती वाड्रा ने कहा कि रायबरेली और अमेठी को गांधी परिवार कभी छोड़ ही नहीं सकता इसलिए उनके भाई राहुल गांधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली में वह दिन-रात उनकी जीत के लिए मेहनत कर रही है। उनका यह भी कहना था कि भाजपा ने श्री राहुल गांधी को बदनाम करने के लिए पूरी ताकत लगाई है और उसे इसका जवाब देने के लिए वह रायबरेली में डटी हुई हैं।

श्रीमती वाड्रा ने एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा,ह्लमैं कभी भी अमेठी और रायबरेली नहीं छोड़ सकतीं। मै कांग्रेस के लिए प्रचार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहती थीं इसलिए चुनाव नहीं लड़ी हूं। दूसरी बात अगर हम दोनों भाई-बहन चुनाव लड़ते तो इसका सीधा फायदा भाजपा को होता।

भाजपा पर राहुल गांधी की छवि खराब करने के लिए पूरी ताकत लगाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी की छवि खराब करने के लिए भाजपा ने बहुत संगठित तरीके से काम किया और इस पर करोड़ों रुपए खर्च किए। राहुल गांधी जी के बारे में भाजपा ने ढेरों गलत बातें फैलाई। उन्हें घर और संसद से निकाला गया, न जाने कितने सारे मुकदमे लगाए गए। इतना सब होने के बावजूद, राहुल गांधी न डरे और न झुके।
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश जानता है कि चाहे कुछ भी हो जाए- राहुल गांधी ऐसा आदमी है जो सच बोलेगा, किसी से नहीं डरेगा। भाजपा चाहती है कि हमारे परिवार को अपशब्द बोले जाएं लेकिन हम चुप रहें। हम चुप क्यों रहें। मेरी दादी ने देश के लिए 32 गोलियां खाई हैं। मैंने 19 साल की उम्र में अपने पिता की शहादत देखी है। मेरे परिवार ने देश के लिए कुबार्नी दी है। मुझे इस बात का बेहद गर्व है।
श्रीमती वाड्रा ने कहा कि मैं पिछले 15 दिनों से रायबरेली में चुनाव प्रचार कर रहा हूं। गांधी परिवार का रायबरेली से पुराना रिश्ता है। इसलिए लोगों को उम्मीद है कि हम यहां आएंगे, उनसे मुलाकात करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे। हम रिमोट कंट्रोल के जरिए यहां चुनाव नहीं जीत सकते।

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