
रांची। भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेसवार्ता कर कांग्रेस पर राष्ट्रविरोधी तत्वों से हाथ मिलाने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली में अप्रत्यक्ष रूप से युवाओं को इकट्ठा करके लोकतंत्र के मंदिर में घुसकर जिस प्रकार आंदोलन के नाम पर गुंडागर्दी करने का काम किया, वह निंदनीय है। सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी चाहते हैं कि देश टुकड़ों में बंट जाए। साहू ने कहा कि लोकतंत्र लोक लाज से चलता है। कांग्रेस के दो चेहरे हैं। यह दिल्ली में कुछ करती है और झारखंड में कुछ। उन्होंने कहा कि झारखंड में बीते 6 वर्ष में जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल की परीक्षा, उत्पाद सिपाही भर्ती या शिक्षक नियुक्ति परीक्षा समेत अन्य परीक्षा विवाद में रही। विगत 6 वर्ष में कांग्रेस की मदद से लाखों युवाओं का रोजगार छीनने का काम किया गया है। परीक्षा में हुई अनियमितता की जांच होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस इस पर मौन है। जेपीएससी गड़बड़ी के खिलाफ भाजपा ने आंदोलन किया। दबाव के कारण जेपीएससी अध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा। भाजपा की मांग है कि जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज हो।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां नीट-नीट चिल्लाती है। गड़बड़ी सामने आते ही परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा ली गई। आज छात्र सफल होकर पढ़ाई कर रहे हैं। पीएम ने आज ही फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर देश को भरोसा दिया है कि पेपर लीक मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी झारखंड में ऐसे लोगों के खिलाफ सीआईडी जांच की ढोंग कर रही है, यह सिर्फ आईवॉश है। उन्होंने मांग की कि झारखंड में जितनी भी परीक्षा हुई है, पेपर लीक का मामला है, सभी की जांच सीबीआई से करवाई जाए। कांग्रेस में थोड़ी सी भी नैतिकता है तो वह सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करे।
प्रदेश अध्यक्ष ने मौके पर तैनात कुछ पुलिस पदाधिकारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस के रूप में नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में अपनी ड्यूटी निभाने का काम किया है। सरकार उक्त पदाधिकारी पर कार्रवाई करते हुए तत्काल बर्खास्त करे। आदित्य साहू ने कहा कि इस घटना में पार्टी के कार्यकर्ता संजय चौधरी, संजीत सिंह, सौरभ कश्यप, आलोक पीतांबर, सन्नी टोप्पो, सुनील साहू, अमन जयसवाल, सुशील दुबे, अमिताभ धीरज, नितिन राणा, रोमित नारायण सिंह, पीयूष विजयवर्गीय, पवन सिंह, ओम प्रकाश सिंह, राफिया नाज, जॉनी वाकर खान, महावीर सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता घायल हुए हैं। उन्होंने मांग की, कि इस पूरे मामले में जांच कर आरोपियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करते हुए जेल भेजे। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा, शोभा यादव, संजय चौधरी और संजीत सिंह भी उपस्थित रहे।
