नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, योजना की शुरूआत से अब तक देशभर में करीब 15 लाख रोजगार अवसरों का सृजन हुआ है।

इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें कार्यक्षेत्र में प्रवेश के समय आर्थिक सहायता मिल सके। वहीं, अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी पर 3,000 रुपए प्रतिमाह तक का प्रोत्साहन दिया जाता है।

सरकार ने विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। इस क्षेत्र के नियोक्ताओं को चार वर्षों तक प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों के नियोक्ताओं को दो वर्षों तक यह लाभ प्रदान किया जाएगा। यह योजना रोजगार आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण औपचारिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
1 अगस्त 2025 से लागू हुई इस योजना का कुल बजट 99,446 करोड़ रुपए है। इसका लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ पहली बार कार्यबल में शामिल होने वाले युवा शामिल होंगे।
सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना औपचारिक रोजगार बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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