पटना। बिहार सरकार ने इस बार कांवड़ियों के लिए पुख्ता इंतजाम किये हैं। इसके बावजूद यात्रियों के पर्यटन विभाग ने टोल फ्री नंबर और मोबाइल ऐप जारी किये हैं जिन पर यात्री शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि सावन में कांवड़ यात्रियों के लिए खास व्यवस्था होगी। करीब ढाई-तीन महीने पहले यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में चार टीमें बनाई गई थीं। मार्ग को चार भागों में बांटा गया है और अलग-अलग टीमों ने पूरे मार्ग का निरीक्षण किया ताकि यात्रा के दौरान आने वाली कठिनाइयों की पहचान की जा सके।

उन्होंने कहा इस यात्रा के दौरान सुविधाओं को बेहतर बनाने से मेरा भावनात्मक लगाव है, क्योंकि बचपन में मैं अपनी मां को लगातार तीर्थ यात्रा पर जाते देखता था। मैंने यात्रा की कठिनाइयों और जरूरतों को देखा था। भगवान ने मुझे अवसर दिया और मैं पर्यटन विभाग का मंत्री हूं। मेरी इच्छा है कि हम श्रद्धा के साथ जा रहे कांवड़ियों को कोई कठिनाई न होने दें।

उन्होंने कहा कि पिछले साल करीब 75 लाख कांवड़िये पहुंचे थे। इस बार इससे ज्यादा पहुंचने का अनुमान है। इस यात्रा के इंतजाम में तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने मीडिया से दिए गए फोन नंबर को अधिक से अधिक प्रसारित करने का आह्वान किया ताकि किसी भी तरह की परेशानी होने पर कांवड़िये पर्यटन विभाग द्वारा जारी टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकें। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों का तुरंत समाधान करने का प्रयास करेगा।

मंत्री ने बताया कि पर्यटन विभाग ने एक मोबाइल ऐप भी तैयार किया है। इसके जरिए भी कांवड़िए शिकायत कर सकते हैं। यात्रा मार्ग पर लोगों को यह बताने के लिए संकेतकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है कि अगला पड़ाव कितनी दूर है। साथ ही इस बार सुल्तानगंज से देवघर तक यात्रा करने वालों की संख्या गिनने के लिए कैमरे लगाए गए हैं। तकनीक के समावेश से श्रद्धालुओं की संख्या की गणना की जाएगी।

पर्यटन विभाग की व्यवस्था
इस साल श्रावणी मेला को बेहतर बनाने के लिए पर्यटन विभाग के सचिव रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में हर 25 किलोमीटर की दूरी पर कमियों को चिह्नित कर उसे दूर करने का प्रयास किया गया है, जिससे कांवड़ियों को ज्यादा गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं दी जा सके। उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला 22 जुलाई से 19 अगस्त के बीच आयोजित किया जाएगा। गत वर्ष कुल 75 लाख श्रद्धालुओं का आगमन हुआ था, इस वर्ष ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु यहां पहुंचे, इसके लिए सभी प्रकार की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की वैज्ञानिक गणना हेतु पीपुल काउंटिंग कैमरा मशीन लगाई गई है। श्रावणी मेला के अवसर पर श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए भागलपुर के सुल्तानगंज और धोबई में पहली बार 200-200 बेड की टेंट सिटी बनायी गयी है, वहीं बांका के अबरखा में 600 बेड और मुंगेर के खैरा में 200 बेड यानी कुल 1200 बेड की टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है।

टेंट सिटी का निर्माण
सभी स्थानों पर प्रबंधक की नियुक्ति की गयी है, जिससे आवासीय सुविधा का बेहतर प्रबंधन हो सके। उन्होंने बताया कि कांवड़िया पथ पर सभी स्थायी पर्यटकीय संरचनाओं को न केवल श्रावणी मेला बल्कि सालों भर आवासन, कैफेटेरिया, सोलर लाइट से युक्त रखा जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे पटना के पर्यटन निगम मुख्यालय में कॉल सेंटर टोल फ्री नम्बर का संचालन किया जाएगा। श्रद्धालुओं को मेला से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं जैसे आवासन, चिकित्सा व्यवस्था, पुलिस, महत्वपूर्ण दूरभाष संख्या आदि को संकलित कर बिहार पर्यटन मोबाइल एप एवं विभागीय वेबसाइट में समाहित किया गया है।

पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि सभी टेंट सिटी में कांवड़ियों को बिहार के लोक संस्कृति से परिचय कराने एवं मनोरंजन के लिए प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। कांवड़िया पथ पर कुल 200 नए कांवड़ स्टैंड का निर्माण कराया गया है। डाक बम के लिए पंजीकरण काउंटर की स्थापना की गयी है। उन्होंने बताया कि कांवड़िया पथ पर 12 अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र का निर्माण किया गया है, जहां प्रशिक्षित पर्यटक गाइडों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सुल्तानगंज में प्रशासनिक ब्लॉक और मेडिकल ब्लॉक का निर्माण किया गया है। सुल्तानगंज में रोज गंगा जी की भव्य आरती होगी, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए पगोडा का भी निर्माण कराया गया है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version