नयी दिल्ली । आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की भारत की नीति को विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा संयुक्त राष्ट्र में दुनिया भर के देशों के सामने स्पष्ट किये जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सेनाओं की सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ मजबूत और निर्णायक कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।

श्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर अपने मासिक रेड़ियो कार्यक्रम “मन की बात” में कहा कि भारतीय सेनाओं की नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर 28 सितम्बर 2016 को की गई सर्जिकल स्ट्राइक के एक दिन बाद दस वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि वीर जवानों की इस कार्रवाई ने दुनिया को हैरान कर दिया था और इस स्ट्राइक ने ने डंके की चोट पर पूरी दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया था।

उन्होंने कहा ,”आतंकवादी हमलों के कारण भारत ने लंबे समय तक, जो दर्द झेला था, ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ उस कष्ट के खिलाफ हमारी निर्णायक प्रतिक्रिया थी। बीते एक दशक में, बालाकोट की एयर स्ट्राइक से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक भारत ने बार-बार ये स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर आतंकवादी भारत पर आंख उठायेंगे, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा।” प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ दशकों में देश में हुए कई आतंकवादी हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले भी हर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग होती थी, लेकिन, उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था। समय बीतने का इंतजार किया जाता था। लेकिन आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ लेकर चल रहा है और इसके नतीजे सबके सामने हैं।

उन्होंने देश में मुंबई आतंकवादी हमले और अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के हमलों का जिक्र करते हुए देशवासियों की ओर से पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि 18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकवादी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे जिसके जवाब में भारतीय सेनाओं ने 28 और 29 सितम्बर की दरम्यानी रात में नियंत्रण रेखा पार आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था जिसमें सैकड़ों आतंकवादी मारे गए थे।

श्री जयशंकर ने शनिवार रात संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81 वें सत्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंज की नीति को दृढता से दोहराते हुए कहा था कि आतंकवाद को सामान्य घटनाएं बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती और भारत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version