
गयाजी । वाराणसी-रांची-कोलकाता सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार के चार जिलों से गुजर रहा है। ये एक्सप्रेसवे कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गयाजी जिले से गुजर रहा है। इस सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे से इन जिलों की सूरत बदल सकती है। एक्सप्रेसवे का निर्माण होने से इन जिलों में आवागमन आसान होगा। साथ ही पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। 672 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना का 162 किलोमीटर हिस्सा बिहार के बनाया जाना है। बिहार में इस परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक बार जब ये एक्सप्रेसवे पूरा हो जाएगा तो वाराणसी से कोलकाता के सफर का टाइम भी घट जाएगा। अभी वाराणसी से कोलकाता के बीच सफर करने में 10 से 12 घंटे लगते हैं, जो बाद में करीब 5 से 6 घंटे होने का अनुमान है।



NHAI के औरंगाबाद परियोजना निदेशक देवेंद्र बंसल ने बताया कि वाराणसी-रांची-कोलकाता 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार के औरंगाबाद, कैमूर, रोहतास और गया क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इससे इन इलाकों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। परियोजना के सातवें चरण का काम गया जिले में चल रहा है।
उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे के शुरू हो जाने से NH-19 पर ट्रैफिक कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही गया के डोभी में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर को भी एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना है। इससे उद्योगों के लिए परिवहन सुगम होने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
गयाजी में योजना का 33.5 किलोमीटर हिस्सा : वाराणसी-रांची-कोलकाता 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के सांतवें चरण का निर्माण गयाजी जिले में जारी है। बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ट्वीट करते हुए बतायाकि इस परियोजना के तहत 33.5 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण पर 1248.37 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना का लगभग 36 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और आवागमन को सुगम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

