रांची । राजधानी रांची को क्राइम फ्री डिस्ट्रिक्ट बनाने की दिशा में पुलिस ने ठोस कार्रवाई शुरू कर दी है। वारंटी और वांटेड अपराधियों को तो सलाखों के पीछे भेजा ही जा रहा है। साथ ही वैसे पुराने कुख्यात क्रिमिनल्स जो जेल से निकलने के बाद सफेदपोश तो बन गए है, लेकिन अपराधिक प्रवृत्ति का ही काम कर रहे हैं। उनको इकोनॉमिकली डैमेज करने की रणनीति पर पुलिस काम कर रही है।

राजधानी को अपराध मुक्त बनाने के लिए जिले के डीआईजी सह एसएसपी चन्दन कुमार सिन्हा ने अलग रणनीति के तहत अभियान शुरू किया है। अब वैसे क्रिमिनल्स की खैर नहीं जो पुराने कुख्यात क्रिमिनल्स है और अब सफेदपोश बन कर जमीन कब्जा में लग गए है। उनके इनकम के स्रोत को जानने के लिए इनकम टैक्स फाइल को भी खंगाला जा रहा है।

वैसे कुख्यात अपराधी जो सफेदपोश बन कर दूसरों के माध्यम से आपराधिक वारदात को अंजाम दे रहे हैं या जमीन का अवैध कारोबार कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए कानूनी प्रावधान का सहारा लिया जा रहा है। ताकि कानूनी प्रावधान के तहत अपराधियों की संपत्ति को जब्त किया जा सके और उनकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।

अपराध की दुनिया से कमाए हुए काले धन का इस्तेमाल कर लग्जरी लाइफ गुजर रहे क्रिमिनल्स की अब खैर नहीं है। कुख्यात अपराधी संदीप थापा और बिट्टू मिश्रा की गिरफ्तारी और संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया के साथ ही क्रिमिनल्स को इकोनॉमिकली डैमेज करने की पुलिस की रणनीति कारगर साबित भी होती दिख रही है।

कई कुख्यात अपराधियों पर भी नजर : इसके साथ-साथ रांची पुलिस पूर्व के कुख्यात अपराधियों पर भी नजर बनाए हुए हैं। परमानेंट वारंटी, वांटेड और फरार अपराधियों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पिछले दिनों 100 से ज्यादा आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जिसमें तीन नक्सली भी शामिल है। रांची पुलिस के इस मुहिम से शहर को क्राइम फ्री करने में सहायता भी मिलने की उम्मीद है। साथ ही अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बीच पुलिसिया कार्रवाई का मैसेज जा रहा है। जिससे किसी भी वारदात को अंजाम देने से पहले अपराधी सोचेंगे।

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