
पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास का बड़ा रोडमैप पेश किया।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले एक वर्ष में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इसके साथ ही हवाई संपर्क, उद्योग, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।



सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को औद्योगिक दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। 20 नवंबर तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई औद्योगिक नीतियां तैयार की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। डाटा सेंटर जैसी बड़ी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
30 दिनों में मिलेगी उद्योग लगाने की अनुमति : उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को अब लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। सरकार आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर स्वचालित अनुमति देने की व्यवस्था लागू कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बिहार में निवेश का माहौल बेहतर होगा और देश-विदेश की कंपनियां राज्य में उद्योग लगाने के लिए आगे आएंगी। सरकार का उद्देश्य निवेशकों को पारदर्शी और आसान व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में एयरपोर्ट, हेलीपैड या एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र में नई एयरस्ट्रिप निर्माण की फाइल पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले वर्षों में बिहार का एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की रक्षा उत्पादन नीति के तहत बिहार में भी डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इसके लिए राजगीर और मुंगेर को संभावित केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही बिहार औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा।
वेतन और पेंशन पर सरकार का स्पष्ट निर्देश
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों का वेतन तथा पेंशन किसी भी परिस्थिति में नहीं रोका जाए। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के उपयोगिता प्रमाणपत्र की प्रक्रिया अलग विषय है और इसका असर वेतन या पेंशन भुगतान पर नहीं पड़ना चाहिए। सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
महिलाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 30 लाख से अधिक ‘लखपति दीदी’ हैं और जीविका समूह राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। जीविका दीदियों का आर्थिक योगदान 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश का भी दावा किया। सरकार अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उनका कहना था कि अब सरकार केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि तय समय सीमा में योजनाओं को धरातल पर उतारने पर जोर दे रही है।

