
रांची। जेएसएससी सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में अनियमितता, कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी ने एक और सफल अभ्यर्थी समीर कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार समीर कुमार गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र का रहने वाला है। समीर कुमार के रूप में यह सातवां अभ्यर्थी है, जिसे सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। इससे पूर्व सीआईडी ने पूर्व में सफल अभ्यर्थी दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी व आनंद कुमार सिंह के अलावा अक्षय तिवारी व सुषमा कुमारी को गिरफ्तार किया था।
दीपक कुमार धनबाद के श्यामली होटल नावाडीह के डुप्लेक्स सनशाइन अपार्टमेंट का निवासी है। वहीं, उमेश कुमार राय मूल रूप से बिहार के भेजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के काकिला डयूल का निवासी है और वर्तमान में बोकारो के दुग्दा थाना क्षेत्र के न्यू बीसीसीएल कालोनी स्थित क्वार्टर नंबर एम-25/3 रहता था।
तीसरा अभ्यर्थी विजय कुमार तिवारी धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र के रोआम धड़कीड़ो का तथा चौथा आरोपित आनंद कुमार सिंह बिहार के छपरा जिले के कोपा थाना क्षेत्र के चतरा गांव का रहने वाला है। आनंद कुमार सिंह वर्तमान में धनबाद के सुदामडीह थाना क्षेत्र में सुदामडीह रिवरसाइड मार्केट में रहता था।
अक्षय तिवारी जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का भाई व सुषमा कुमारी अभय तिवारी की पत्नी हैं। अभय तिवारी भी गिरफ्तार है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में हुई है। वह जेपीएससी व जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितता का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जेएसएससी सीजीएल में कथित पेपर लीक मामले में एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में दर्ज कांड की जांच की जांच के दौरान सभी सफल अभ्यर्थियों के विरुद्ध सीआइडी को पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
सबने रिश्वत देकर दलालों, एजेंटों के माध्यम से लीक प्रश्न पाया और उसके उत्तर रटकर परीक्षा में सफलता हासिल की। अब जल्द ही सीआईडी सभी गिरफ्तार अभ्यर्थियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करेगी।

