
रांची। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को रांची में जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकली यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।



तिरंगा यात्रा में आंदोलन स्थल पर अनशन कर रहे दो छात्र भी व्हीलचेयर पर शामिल हुए। वहीं, सदर अस्पताल में भर्ती अनशनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और छात्रा उम्मे हबीबा को यात्रा में शामिल होने से पुलिस ने रोक दिया। पुलिस-प्रशासन ने दोनों की बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी।
देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए अस्पताल के कमरे से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और धक्का-मुक्की की। उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए पुलिस पर उनके साथ मौजूद समर्थकों के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया।
देवेंद्र ने कहा कि वह पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और इसके बावजूद छात्रों के अधिकारों और उनकी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद देवेंद्र नाथ महतो को रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, पिछले 12 दिनों से अनशन कर रहीं छात्रा उम्मे हबीबा भी तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए व्हीलचेयर पर अपने कमरे से बाहर निकलीं। उनके हाथ में संविधान की पुस्तक थी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भी अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी।
इधर, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मौजूद छात्रों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तिरंगा यात्रा निकाली। छात्र पिछले 22 दिनों से जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता के बावजूद छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध बरकरार है।

