पटना। नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले लालू को दिया बड़ा झटका। सारण की राजनीति में भारी उलटफेर हुआ। सारण की राजनीति के उथल पुथल करते बनियापुर से राजद के विधायक केदारनाथ सिंह ने जनता दल यू में शामिल होने की घोषणा कर राजद सुप्रीमो लालू यादव को अलविदा कह दिया। यह जानकारी उन्होंने खुद मीडिया को दी। और संकेत देने के स्वर में साफ कहा कि वो महाराजगंज लोकसभा से पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के छोटे भाई है। उनके बड़े भाई जहां भी रहेंगे वो उनके साथ ही राजनीति को आवाज देंगे।

उनका स्वभाव परिवार के साथ रहने का है और इसलिए साथ रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास के पर्याय माने जाते हैं। नीतीश कुमार ने सारण को बहुत कुछ दिया है और आगे भी बहुत कुछ देंगे। इसके पहले पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के पुत्र और छपरा के पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने दल बल के साथ पटना जदयू कार्यालय परिसर में जदयू की सदस्यता ग्रहण कर ही ली थी।

राजपूत मतदाताओं को पक्ष में करने की कवायद : विधानसभा चुनाव 2025 को देखते राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारण की राजनीति में राजपूत मतदाताओं का जदयू के पक्ष में करने की कवायद की है। विधायक केदार प्रसाद सिंह के शामिल होने के बाद पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह का परिवार एक हो जाएगा। प्रभुनाथ सिंह के पुत्र रणधीर सिंह पहले ही शामिल हो गए। अभी भी बिहार की राजनीति में खास कर राजपूत वोट बैंक पर प्रभुनाथ सिंह का एक प्रभाव है। यह प्रभाव तब ज्यादा हो जाएगा जब प्रभुनाथ सिंह का पूरा परिवार और आनंद मोहन एक प्लेटफार्म पर आ जाएं। इन दोनों परिवार के एक दल में होने से उत्तर बिहार में अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

सारण की राजनीति में दखल देने वाले छपरा के पत्रकार विद्याभूषण श्रीवास्तव ने कहा कि केदार प्रसाद सिंह की मजबूरियां उन्हें जेडीयू में ले गई। एक तो यह कि इन्हें आगामी विधानसभा में टिकट राजद से नहीं मिलेगा। दूसरी बात यह है कि मशरक कांड में आरोपी साबित होने के बाद संभवत: जेल भी हो सकती है। ऐसे में सत्ता पक्ष के साथ खड़ा होने का मतलब साफ है, यानी सत्ता का संरक्षण। शायद कोई राहत की उम्मीद हो। राजनीति की ही बात करें तो अभी एनडीए का हाल काफी सकारात्मक है। इस लिहाज के साथ भी जदयू में जाना इनकी मजबूरी के सिवा और कुछ नहीं है।

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