
गिरिडीह । झारखंड में भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से 24 संकल्प के साथ 24 जिलों के लिए निकाली जा रही ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ गिरिडीह पहुंच गई है। इस यात्रा का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं। यात्रा का उद्देश्य जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को उजागर करना और राज्य की भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। महतो ने कहा कि उनकी लड़ाई झारखंड की भर्ती व्यवस्था को पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की है। उन्होंने कहा कि झारखंड की भर्ती व्यवस्था भ्रष्टाचार मुक्त होगी। यहां पर पेपर लीक बंद होगा, यहां पर किसी तरह की पैरवी-पहचान से नौकरी बंद होगी, यहां पैसे से नहीं बल्कि मेहनत से नौकरी मिलेगी, यहां पहचान से नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर नौकरी मिलेगी, यह भ्रष्टाचार से नहीं बल्कि पारदर्शिता के आधार पर नौकरी मिलेगी और अगर गलती से कोई पेपर लीक, भ्रष्टाचार या किसी प्रकार की धांधली का प्रयास किया तो उसको पकड़ा जाएगा और आजीवन कारावास की सजा होगी। वहीं, छात्रों के प्रदर्शन को मिल रहे समर्थन पर उन्होंने कहा कि हम लोगों को उम्मीद नहीं थी कि इतना समर्थन मिलेगा क्योंकि जब अपने अधिकार के लिए लड़ते हैं तो कोई भी पीछे खड़ा नहीं होता, फिर भी हम लड़ते हैं, आंदोलन करते हैं। हालांकि जब आंदोलन करने निकल रहे हैं तो हम लोगों को कहीं रोका नहीं जा रहा, लोग बाइक से पहुंच रहे हैं, हाथ दे रहे हैं, मिनटों में भीड़ उमड़ पड़ रही है।उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ छात्रों के टूटते सपनों को बचाने की नहीं है बल्कि पूरे झारखंड के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सबका सपना टूट रहा है, टूटते सपने को बचाने की लड़ाई है। यहां सिर्फ स्टूडेंट का सपना नहीं टूट रहा है, जो प्रवासी मजदूर झारखंड से बाहर जाकर रोजी-रोटी कमा रहे हैं, अगर उनके साथ कुछ घटना घटती है तो उसका डेड बॉडी तक अपने घर नहीं पहुंचती है। झारखंड में कई ऐसी घटनाएं हैं, जहां पुतला बनाकर अंतिम संस्कार किया गया है। यह उन मजदूर परिवारों की लड़ाई है जो चाहते हैं कि उनके बच्चे सम्मानपूर्वक अपने ही राज्य में नौकरी करें।देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह उन माता-पिता की आवाज है जो खेत में दिन-रात पसीना बहाते हैं और शाम को थककर आते हैं और बोलते हैं कि बेटा तुम लोग अच्छे से पढ़ो ताकि हम लोगों जैसा तुमको पसीना न बहाना पड़े। यह उन माताओं की आवाज है जो अपने जरूरत की चीजों में कटौती करके अपना पैसा बच्चों को नौकरी की तैयारी के लिए भेजती हैं। इस टूटते सपने को हम लोग बचाने के लिए एक संकल्प यात्रा पर निकले हैं।”उन्होंने कहा कि नौकरी बेचना बंद करो। नौकरी बेचने वाली चीज नहीं है, यह कोई आलू-प्याज नहीं है। यहां पर पेपर लीक बंद करो, यहां के शिक्षा माफिया को खत्म करो और झारखंड में यह सब नहीं चलेगा।वहीं, जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं और सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और जेपीएससी को नोटिस जारी करने पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से छात्रों में उम्मीद जगी है।
