पटना। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की विशेष टीम का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही पेपर लीक की घटनाओं में शामिल दोषियों की संपत्ति जब्त की जाएगी। उपमुख्यमंत्री (गृह) सम्राट चौधरी ने शनिवार को गृह और पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। सरदार पटेल भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्री ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया।

उन्होंने वित्तीय धोखाधड़ी (बैंकिंग फ्राड) और धनशोधन (मनी लांड्रिंग) से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा इनके अनुसंधान में केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। सम्राट ने अवैध खनन में उपयोग होने वाले वाहनों को तत्काल जब्त करने को कहा। जब्ती के बाद संबंधित लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करते हुए 15 दिनों के भीतर वाहनों की नीलामी प्रक्रिया पूरा करने का टास्क दिया गया।

पुलिस अफसरों को संगठित अपराध के खिलाफ 360 डिग्री कार्रवाई करने को कहा।द्ध इसके अलावा कारा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी उन्होंने कई निर्देश जारी किए। जेलों में भोजन की गुणवत्ता सुधारने, बाहरी सामग्री की अवैध आपूर्ति रोकने और सभी वार्डों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया गया।

गृह मंत्री ने साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए बिहार पुलिस को केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय बढ़ाने को कहा। इसके साथ ही अनुसंधान में तेजी लाने और अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों के उद्भेदन और सफलता को विभिन्न माध्यमों से व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए, ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़े। राज्य के सभी स्कूल-कालेजों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाने को भी कहा गया।

विभाग में तकनीकी एवं प्रोफेशनल कर्मियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग से शीघ्र अधियाचना करने का निर्देश दिया है।

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