
नोएडा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने 75 वर्ष की उम्र में नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर है।



बताया जा रहा है कि आरके सिन्हा लंबे समय से बीमार चल रहे थे। ब्रेन स्ट्रोक के बाद उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी और वह लंबे समय तक कोमा में भी रहे थे।
आरके सिन्हा का भारतीय राजनीति, खासकर बिहार की भाजपा राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान रहा। वह जनसंघ के दौर से ही राजनीति में सक्रिय थे और भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी का करीबी माना जाता था।
राजनीति के साथ-साथ उन्होंने कारोबार के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वह SIS ग्रुप के संस्थापक थे, जो सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में एक प्रमुख संस्थान के रूप में जाना जाता है।
आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए पटना स्थित पाटलिपुत्र के अन्नपूर्णा भवन लाया जाएगा। उनके निधन पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

