
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी मौका मिला, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय मानबिंदुओं पर कुठाराघात किया है। सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना हुआ है। जबकि, कांग्रेस की जब केंद्र में सरकार थी, तब उसने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर भगवान श्रीराम को मिथक और काल्पनिक साबित करने का कुत्सित प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा जाति के नाम पर समाज को बांटने की साजिश रचकर विकास प्रक्रिया को बाधित करती है। इनसे आमजन को सतर्क रहना होगा। योगी शनिवार शाम गोरखपुर में भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क सहित करीब 758 करोड़ रुपये की 24 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। योगी ने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता है। समाज को जाति और वर्ग के नाम पर बांटने की साजिश विकास प्रक्रिया में बाधक बनती है। यही कार्य कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारें करती थीं। इसलिए उनसे विकास नहीं होता था। इन पार्टियों की सरकार में विकास की बजाय हिंदुओं का अपमान होता था। योगी ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उसने सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को मिथक और काल्पनिक बताया था।’योगी ने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ करती रही है। भगवान सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को बुलाया गया, तब भी इसका विरोध कांग्रेस ने ही किया था। कांग्रेस के साथ सपा को भी कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सपा के बारे में तो कहना ही क्या, सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना है।’मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा की सरकारों ने भारत की आस्था को अपमानित किया है। उनकी सरकारों में दंगे होते थे। पर्व-त्योहार प्रतिबंधित किए जाते थे। कांवड़ यात्रा रोकी जाती थी। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा की डबल इंजन सरकार विरासत के संरक्षण और विकास के विजन के साथ आगे बढ़ रही है तो इसे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पचा नहीं पा रही हैं।

