पटना। गांव-देहात में शिलान्यास के बाद जिन ग्रामीण सड़कों और पुलों की निविदा रद हो चुकी है, उनका निर्माण अब फिर कराया जाएगा। ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार ने बुधवार को विधानसभा में इसका आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी योजनाओं के लिए दोबारा निविदा निकाली जाएगी और उपलब्ध राशि के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाएगा। मंत्री ने बताया कि अब ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए छोटे पैकेज में निविदाएं निकाली जा रही हैं। कई जगह एक ही सड़क के निर्माण का टेंडर किया जा रहा है।

एक पैकेज में 50 करोड़ रुपये से अधिक की निविदा नहीं होगी। सरकार के इस फैसले से बिहार के स्थानीय ठेकेदारों को काम मिलने में आसानी होगी। सचींद्र प्रसाद सिंह, देवेश कांत सिंह, अरुण कुमार, प्रमोद कुमार और भाई वीरेंद्र के अल्पसूचित प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि बड़े पैकेज के कारण रद हुई निविदाओं की नियमानुसार दोबारा प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

1.17 लाख करोड़ खर्च, 1.20 लाख किमी सड़कें बनीं ग्रामीण कार्य मंत्री ने बताया कि राज्य में ग्रामीण सड़कों के निर्माण पर अब तक 1.17 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इस राशि से 1.20 लाख किलोमीटर से अधिक लंबाई में सड़कें बनाई गई हैं। वहीं, 32 हजार से अधिक पुलों का भी निर्माण कराया गया है। विधानसभा सदस्यों ने सवाल उठाया कि बड़े पैकेज के तहत शुरू हुए कई निर्माण कार्य दो साल बाद भी 10 प्रतिशत से अधिक पूरे नहीं हो सके हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि काम में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।

18 अभियंता निलंबित, 61 के खिलाफ विभागीय कार्रवाई : मंत्री ने सदन को बताया कि ग्रामीण कार्य विभाग में अब तक 18 अभियंताओं को निलंबित किया जा चुका है। वहीं, 61 अभियंताओं और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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