नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के पहले अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा की बढ़त साफ नजर आ रही है। अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू पिछले 2 बार से मुख्यमंत्री हैं और इस बार भी अरुणाचल प्रदेश में भगवा ही लहराने वाला है।पेमा खांडू भारत के सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने 37 साल की उम्र में सीएम के रूप में कार्यभार संभाला. खांडू के पहले अखिलेश यादव ही ऐसे सीएम थे, जो कि सबसे कम उम्र में सीएम बने थे. अखिलेश यादव ने जब पहली बार यूपी की गद्दी संभाली तो उस समय वह 38 साल के थे. अरुणाचल के पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के सबसे बड़ें बेटे पेमा ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया।

पिता की मौत के बाद लड़ा विधानसभा का चुनाव

खांडू ने वैसे तो राजनीति में कदम 2005 में ही रख दिया था। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप कार्य किया था, लेकिन असली राजनीतिक सफर की शुरुआत तब होती है, जब उनके पिता दोरजी खांडू का हेलिकॉप्टर हादसे में निधन हो गया था. इसके बाद पेमा ने अपने पिता के ही विधानसभा क्षेत्र मुक्तो से 2011 में चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीतकर विधानसभा में कदम रखा.।

चीन की सीमा से लगे इस गांव से रखते हैं ताल्लुक

2014 में मुक्तो से निर्विरोध जीत हासिल करने वाले खांडू, अरुणाचल प्रदेश के जल संसाधन तथा पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं. ये सीट जो अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीट है. पेमा खांडू चीन की सीमा से लगे तवांग जिले के ग्यांगखर गांव से हैं और मोनपा नामक जनजाति से ताल्लुक रखते हैं।

सितंबर 2016 में पेमा खांडू ने अरुणाचल का सीएम रहते 43 विधायकों के साथ मिलकर कांग्रेस से बगावत कर दी थी. इसके बाद वे बीजेपी की सहयोगी PPA में शामिल हो गए थे. हालांकि, दिसंबर 2016 में उन्हें PPA ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. इसके बाद पेमा खांडू 43 विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद 2019 में पेमा खांडू के नेतृत्व में बीजेपी ने अरुणाचल प्रदेश में सरकार बनाई. 2024 में एक बार फिर अरुणाचल में पेमा खांडू के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनती दिख रही है।

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