
रांची। झामुमो राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। कांग्रेस द्वारा एकतरफा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद पार्टी में गहरी नाराजगी है। पार्टी के विधायकों ने शुक्रवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने का सुझाव दिया और अंतिम निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूर्ण अधिकार दे दिया।



बैठक के बाद झामुमो मंत्री हफीजूल हसन ने दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने के संकेत दिए। झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कांग्रेस ने पार्टी की भावना को ठेस पहुंचाई है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस द्वारा बिना किसी चर्चा के प्रत्याशी घोषित किए जाने से झामुमो बेहद असहज है। बैठक में विधायकों ने एकमत से राय जताई कि गठबंधन की दोनों सीटों पर झामुमो को अपना उम्मीदवार उतारना चाहिए।
झामुमो के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि राजद और भाकपा माले जैसे अन्य सहयोगी दलों को भी इस मामले में विश्वास में नहीं लिया गया, जो गठबंधन की भावना के विरुद्ध है।
झामुमो के कार्यकर्ताओं की भावना है कि पार्टी दोनों सीटों पर प्रत्याशी दे, उम्मीद है कि पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन उनकी भावनाओं का सम्मान करें। उन्होंने बिहार चुनाव में झामुमो को सीट नहीं मिलने का भी मुद्दा उठाया।
इधर कांग्रेस ने भी अपनी विधायक दल की बैठक बुलाई है। बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर गठबंधन के भीतर तालमेल बिठाने का प्रयास कर सकते हैं। बता दें कि कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खड़गे के सलाहकार रहे प्रणव झा को अपना उम्मीदवार बनाया है। राज्यसभा की इन दो सीटों में से एक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली पड़ी है, जबकि दूसरी भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। चुनाव 18 जून को प्रस्तावित है।
राज्यसभा सीटों का गणित : झारखंड विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए न्यूनतम 28 प्रथम वरीयता वाले वोट चाहिए। वर्तमान में सत्तारूढ़ गठबंधन (झामुमो 34 + कांग्रेस 16 + राजद 4 + भाकपा माले 2) के पास कुल 56 विधायक हैं, जिससे गठबंधन दोनों सीटें आसानी से जीत सकता है।

